
एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कोंग्रेस (टीएमसी) प्रशांत किशोर की इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) से अपना नाता तोड़ सकती है। पश्चिम बंगाल में निकाय चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची को लेकर पूरे पश्चिम बंगाल में व्यापक विरोध के बीच मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी ने खुद इस मामले को उठाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने ममता बेनर्जी को मैसेज करते हुए कहा कि आई-पीएसी बंगाल, त्रिपुरा, मेघालय में टीएमसी के साथ काम नहीं करना चाहता। इसके जवाब में बेनर्जी ने लिखा, धन्यवाद। पश्चिम बंगाल के मंत्री सरकारी विभागों में I-PAC के प्रभाव से खुश नहीं थे। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी दोनों के बीच अनबन की खबरें आई थीं। हालांकि, तब टीएमसी ने पार्टी और आई-पीएसी के बीच मतभेदों की खबरों को खारिज कर दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने ममता बनर्जी को मैसेज करते हुए कहा कि आई-पीएसी बंगाल, त्रिपुरा, मेघालय में टीएमसी के साथ काम नहीं करना चाहता। इसके जवाब में बनर्जी ने लिखा, थैंक यू। पश्चिम बंगाल के मंत्री सरकारी विभागों में I-PAC के प्रभाव से खुश नहीं थे। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी दोनों के बीच अनबन की खबरें आई थीं। हालांकि, तब टीएमसी ने पार्टी और आई-पीएसी के बीच मतभेदों की खबरों को खारिज कर दिया था।
आपको बता दें कि इस समय पश्चिम बंगाल निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर TMC और I-PAC के बीच खींचतान चल रही है. टीएमएस के पुराने नेता चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से नाराज नजर आ रहे हैं. टीएमसी के पुराने नेताओं का एक वर्ग इसके लिए आईपीएसी को जिम्मेदार ठहरा रहा है। यह प्रशांत किशोर की कंपनी है, जिसे ममता बेनर्जी ने चुनावी रणनीति के लिए हायर किया था, लेकिन दूसरी लिस्ट टीएमसी के सोशल मीडिया अकाउंट से जारी की गई थी, जिसे बाद में टीएमसी नेताओं ने खारिज कर दिया था। सूची उन्हीं के हस्ताक्षर से जिलों को भेजी गई थी। बता दें कि पश्चिम बंगाल के 19 जिलों में चुनाव होने हैं।
