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एलआईसी के आईपीओ को सेबी से मिली हरी झंडी, 31 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर बेचेगी सरकार

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को मंगलवार को पूंजी बाजार नियामक सेबी से प्रारंभिक शेयर बिक्री (आईपीओ) के जरिए धन जुटाने की मंजूरी मिल गई। सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। सेबी के पास दायर रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मसौदे के अनुसार, सरकार एलआईसी के 31 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयर बेचेगी। आईपीओ का एक हिस्सा एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित होगा। साथ ही, एलआईसी आईपीओ इश्यू साइज का 10 प्रतिशत तक पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित होगा।

सरकार चालू वित्त वर्ष में अपने 78,000 करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए जीवन बीमा फर्म में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 63,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद कर रही थी। आपको बता दें कि एलआईसी की ओर से 13 फरवरी को डीआरएचपी यानी आईपीओ का प्रस्ताव सेबी को सौंपा गया था।

आईपीओ भारत सरकार द्वारा बिक्री के लिए एक प्रस्ताव (ओएफएस) है और एलआईसी द्वारा शेयरों का कोई नया मुद्दा नहीं है। एलआईसी में सरकार की 100% हिस्सेदारी या 632.49 करोड़ से अधिक शेयर हैं। शेयरों का अंकित मूल्य 10 रुपये प्रति शेयर है।

शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ
एलआईसी पब्लिक इश्यू भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। एक बार सूचीबद्ध होने के बाद, एलआईसी का बाजार मूल्यांकन आरआईएल और टीसीएस जैसी शीर्ष कंपनियों के बराबर होगा।

अभी तक पेटीएम आईपीओ से जुटाई गई रकम के मामले में सबसे आगे था। साल 2021 में इसने आईपीओ से 18,300 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके बाद कोल इंडिया ने साल 2010 में करीब 15,500 करोड़ रुपये और रिलायंस पावर ने साल 2008 में 11,700 करोड़ रुपये जुटाए।

बीमांकिक फर्म मिलिमैन एडवाइजर्स एलएलपी इंडिया ने एलआईसी के एम्बेडेड मूल्य पर काम किया, जबकि डेलॉइट और एसबीआई कैप्स को प्री-आईपीओ लेनदेन सलाहकार नियुक्त किया गया था।

एलआईसी में 20% एफडीआई की अनुमति
हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस आईपीओ में विदेशी निवेशकों को शामिल करने के लिए एफडीआई नीति में बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत एलआईसी के आईपीओ में ऑटोमेटिक रूट के तहत 20 फीसदी तक विदेशी निवेश की अनुमति दी गई है। फिलहाल बीमा क्षेत्र में ऑटोमेटिक रूट के तहत 74 फीसदी एफडीआई को मंजूरी दी गई है।

गैर-भागीदारी नीति की दिशा में अपने कारोबार को मोड़कर एलआईसी आने वाले समय में निजी बीमा कंपनियों को कड़ी चुनौती दे सकती है। स्विस ब्रोकरेज फर्म क्रेडिट सुइस ने आईपीओ की मंजूरी के लिए बाजार नियामक सेबी के पास दाखिल आवेदन विवरण का विश्लेषण करने के बाद तैयार एक रिपोर्ट में यह संभावना व्यक्त की है। रिपोर्ट के मुताबिक, एसबीआई लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एचडीएफसी लाइफ और मैक्स लाइफ जैसी जीवन बीमा कंपनियां एलआईसी के कारोबार की प्रमुखता में बदलाव का सबसे बड़ा प्रभाव वहन करेंगी।

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