
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे आ चुके हैं. राज्य में बीजेपी ने स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है. योगी आदित्यनाथ 21 मार्च को फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की तैयारी चल रही है. कार्यक्रम का आयोजन इकाना स्टेडियम में किया गया है।
योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में 70 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है. योगी 2.0 सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के सफल आयोजन के लिए सरकार ने सात पीसीएस अधिकारियों को जिलाधिकारी लखनऊ से जोड़ा है. इस संबंध में नियुक्ति विभाग ने बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया है। ये अधिकारी 19 मार्च की शाम से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं सहित केंद्र सरकार के सभी मंत्रियों को आमंत्रित किया गया है. इसके साथ ही करीब 70 हजार लोगों की उपस्थिति की व्यवस्था की जा रही है।
सोनिया और अखिलेश समेत विपक्ष के बड़े नेताओं को न्योता
योगी सरकार 2.0 के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए 200 से अधिक वीवीआईपी की सूची तैयार की गई है. समारोह में शामिल होने के लिए नेता प्रतिपक्ष सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, मायावती समेत विपक्ष के कई नेताओं को न्योता भेजा जाएगा. इन सबके अलावा उन लाभार्थियों को भी शामिल किया जाएगा। जिन्हें केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों से लाभ हुआ है।
2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद 19 मार्च को राजधानी के रमाबाई अंबेडकर स्मृति उपवन के मैदान में योगी सरकार ने शपथ ली. 5 साल बाद एक बार फिर बीजेपी को सत्ता में बैठने का मौका मिला है. योगी आदित्यनाथ एक बार फिर सीएम पद की शपथ लेंगे. इसलिए इसे ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए 7 पीसीएस अधिकारी अपर निदेशक नागर विमानन विश्वभूषण मिश्रा, उप आवास आयुक्त प्रफुल कुमार त्रिपाठी, उप निदेशक मंडी परिषद संतोष कुमार व चंदन कुमार पटेल, विशेष अधिकारी लखनऊ विकास प्राधिकरण अरुण कुमार सिंह व अमित कुमार राठौर व एसडीएम बाराबंकी को लगाया गया है. . .
