
सुपर ऐप Tata Niue को अप्रैल के महीने में लॉन्च किया गया है। इसके इर्द-गिर्द UPI ऐप भी शुरू किया जा सकता है। यूपीआई जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए कई कंपनियां इस क्षेत्र में कूदना चाहती हैं। इनमें टाटा समूह भी शामिल है।
यूपीआई भुगतान
टाटा समूह बहुत जल्द अपना UPI ऐप लॉन्च करने जा रहा है। फोन पे और गूगल पे की तरह टाटा ग्रुप के यूपीआई को भी मोबाइल से आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। टाटा समूह ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसकी आधिकारिक घोषणा बहुत जल्द की जा सकती है। माना जा रहा है कि टाटा ग्रुप की यह तैयारी और लॉन्च फोन पे, गूगल पे, अमेजन पे और पेटीएम को कड़ी टक्कर दे सकती है। टाटा की इस तैयारी की जानकारी कई मीडिया रिपोर्ट्स में दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक टाटा ग्रुप को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया या एनपीसीआई से मंजूरी का इंतजार है। एनपीसीआई से मंजूरी मिलते ही टाटा ग्रुप थर्ड पार्टी पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर यूपीआई की सेवा शुरू कर देगा। इकोनॉमिक टाइम्स ने सबसे पहले अपनी रिपोर्ट दी है।
UPI ऐप को लॉन्च करने की जिम्मेदारी टाटा डिजिटल के पास है, जो कंपनी की डिजिटल कॉमर्स यूनिट है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टाटा डिजिटल यूपीआई ऐप चलाने के लिए आईसीआईसीआई बैंक और अन्य निजी बैंकों के संपर्क में है। इन बैंकों की मदद से टाटा समूह यूपीआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बाजार में उतारेगा।
टाटा समूह की एक और बड़ी तैयारी
इसके अलावा टाटा समूह एक और बड़ी पहल पर काम कर रहा है। टाटा नीयू 1 अप्रैल को लॉन्च होने जा रहा है जिसे सुपर ऐप का नाम दिया जा रहा है। इस ऐप के जरिए टाटा समूह देर से ही सही, लेकिन अब ई-कॉमर्स के क्षेत्र में बड़ा धमाका करने की तैयारी कर रहा है। Tata Niue के बाद UPI ऐप भी लाया जाएगा ताकि ग्राहक भुगतान करने के साथ-साथ सामान खरीदने में भी आसानी कर सके। टाटा ग्रुप का सुपर ऐप न्यू मार्केट की कई बड़ी कंपनियों को टक्कर देगा, जिसमें अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ ही स्विगी और ब्लिंकिट भी शामिल हैं।
UPI भुगतान पर सबकी निगाहें
सुपर ऐप Tata Niue को अप्रैल के महीने में लॉन्च किया गया है। इसके इर्द-गिर्द UPI ऐप भी शुरू किया जा सकता है। यूपीआई जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए कई कंपनियां इस क्षेत्र में कूदना चाहती हैं। इस साल फरवरी महीने में ही UPI के जरिए 4.5 अरब ट्रांजेक्शन हुए हैं, जो वैल्यू के लिहाज से 8.26 लाख करोड़ रुपये के बराबर है। सरकार डिजिटल पेमेंट पर भी जोर दे रही है ताकि नोट और एटीएम की छपाई जैसे खर्चों का बोझ कम किया जा सके। वर्तमान में देश में एनपीसीआई के तहत 23 थर्ड पार्टी ऐप पंजीकृत हैं। एनपीसीआई का देश के 10 बैंकों के साथ करार है जिसके तहत यूपीआई की सुविधा दी जाती है।
