
ताइवान के हुआलिन शहर में एक दिन में दो बड़े भूकंप के झटके महसूस किए गए। मंगलवार को सबसे पहले सुबह 4.7 और रात में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया। अभी तक भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, रात के भूकंप का केंद्र हुलिन शहर के पूर्व में समुद्र तल से 28.7 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप इतना जोरदार था कि राजधानी ताइपे में कई घरों की दीवारें टूट गईं।
पिछले साल अक्टूबर में भी आया था भूकंप
पिछले साल अक्टूबर में, ताइवान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में 6.5-तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे राजधानी ताइपे में इमारतें हिल गईं। हालांकि उस समय भी कोई हताहत नहीं हुआ था। उस भूकंप का केंद्र पूर्वोत्तर तट के पास ताइपे से करीब 35 किलोमीटर दूर यिलान शहर के पास था। भूकंप के पहले झटके के कुछ सेकंड बाद 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद करीब एक घंटे तक यहां मेट्रो सेवा ठप रही।
भूकंप क्यों आता है?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेटें हैं जो लगातार घूम रही हैं। जहां ये प्लेटें अधिक टकराती हैं, उस क्षेत्र को फॉल्ट लाइन कहते हैं। बार-बार टकराने से प्लेटों के कोने मुड़ जाते हैं। जब दबाव बनता है तो प्लेट टूट जाती है। नीचे की ऊर्जा एक रास्ता खोजती है। अशांति के बाद भूकंप आता है।
आपको बता दें कि ताइवान दो टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन पर स्थित है। इस वजह से यहां आए दिन भूकंप आते रहते हैं।
साल 1999 में ताइवान में आए भूकंप से काफी तबाही हुई थी। उस दौरान 7.6 तीव्रता के भूकंप में 2400 लोग मारे गए थे।
हर साल 20,000 भूकंप दर्ज किए जाते हैं
दुनिया में हर साल कई भूकंप आते हैं, लेकिन उनकी तीव्रता कम होती है। शायद आप नहीं जानते होंगे कि राष्ट्रीय भूकंप सूचना केंद्र हर साल लगभग 20,000 भूकंपों को रिकॉर्ड करता है, जिनमें से 100 भूकंप ऐसे होते हैं जो नुकसान पहुंचाते हैं।
भूकंप कुछ सेकंड या कुछ मिनटों तक रहता है, लेकिन इतिहास में अब तक का सबसे लंबा भूकंप 2004 में हिंद महासागर में आया था। यह भूकंप 10 मिनट तक चला था। 1556 का शांसी भूकंप अब तक का सबसे भीषण भूकंप था, जिसमें 830,000 लोग मारे गए थे।
