
एयर इंडिया ने अपनी दिल्ली-मास्को उड़ान रद्द कर दी है, जो सप्ताह में दो बार संचालित होती है। फ्लाइट बुक करने वाले यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जाएगा। उड़ान रद्द होने की वजह रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते हवाई क्षेत्र में बढ़ते खतरे को बताया जा रहा है। ऐसे में अब यात्री मॉस्को जाने के लिए ट्रांजिट रूट का इस्तेमाल कर सकते हैं। यात्री ताशकंद, इस्तांबुल, दुबई, अबू धाबी, दोहा और अन्य देशों के रास्ते रूस पहुंच सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयर इंडिया उन एयरलाइनों में से एक है जो यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद भी रूसी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर रही है। एयर इंडिया की सभी उड़ानों का बीमा अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा किया जाता है। हालांकि, रूसी हवाई क्षेत्र में बढ़ते जोखिम के कारण, अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनियों ने विमान पर बीमा प्रदान करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, एयर इंडिया की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
रूसी दूतावास ने क्या कहा?
इससे पहले बुधवार को रूसी दूतावास ने कहा था कि एयर इंडिया ने दिल्ली-मॉस्को-दिल्ली रूट पर टिकट बेचना बंद कर दिया है। इस एयरलाइन की रूस के लिए उड़ानें फिर से शुरू करने की संभावनाएं फिलहाल अनिश्चित हैं।
उड़ान बीमा कैसे किया जाता है?
एविएशन इंश्योरेंस में तीन चीजें शामिल होती हैं। विमान (हल बीमा कहा जाता है), यात्री (यदि किसी कारण से यात्री को चोट लगी हो) और तीसरे पक्ष की देयता (किसी तीसरे पक्ष को विमान से होने वाली क्षति, जैसे किसी के घर पर दुर्घटनाग्रस्त विमान)।
एयरक्राफ्ट के लिए भी स्पेशल कवर लिया जा सकता है। विशेष कवर युद्ध या आतंक के अधिनियम के कारण हुए नुकसान के लिए कवरेज प्रदान करता है। इसके अलावा गृहयुद्ध, हड़ताल, अपहरण सहित कुछ अन्य चीजें भी शामिल हैं। परमाणु हथियारों से होने वाले नुकसान को हमेशा बाहर रखा जाता है।
