
फरीदाबाद, 9 जुलाई। शहर की सड़कों पर इन दिनों एक आटो रिक्शा सभी का ध्यान खींचता नजर आता है। इसे चलता-फिरता गार्डन भी कहा जा सकता है, जो पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता नजर आता है। बदरपुर बार्डर मोलड़बंद निवासी अनुज के आटो की खास बात यह भी है कि आटो के अंदर व बाहर 17 गमले हैं, जिनमें बेल व फूल वाले पौधे हैं। इनमें मुख्य रूप से तुलसी और एलोवेरा है। जब बेल बड़ी होगी तो यह आटो के चारों ओर लिपट जाएगी। इससे आटो की खूबसूरती और बढ़ जाएगी।
अनुज ने बताया कि वह दिन में तीन बार पौधों को पानी देता है। यात्रियों की सुविधा के लिए अंदर पांच पंखे भी लगवाए हुए हैं। आटो में ऊपर और पिछले हिस्से में आर्टिफिशयल घास लगवाई हुई है। 23 वर्षीय अनुज बताते हैं कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए उसने यह कदम उठाया है। आजकल वायु प्रदूषण खूब हो रहा है। लोग हरियाली खत्म तो कर रहे हैं, लेकिन इसे बढ़ाने की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए लोग अधिक से अधिक पौधारोपण करें और अपने घर को भी हरा-भरा रखें, बस ये ही संदेश देने के लिए आटो में इस तरह का प्रयोग किया है।
अनुज के अनुसार उसके आटो में बैठने के लिए सवारी लालायित रहती है। आटो के ऊपर आर्टिफिशियल घास होने की वजह से अंदर इतनी अधिक गर्मी नहीं लगती। फिर पंखे भी दिनभर चलते रहते हैं। सीट और पायदान पर भी घास लगाई हुई है। इस पर अनुज अब तक करीब 20 हजार रुपये खर्च कर चुके हैं। अनुज का दावा है कि वह आटो के अंदर व बाहर पौधों की संख्या और बढ़ाएगा। एक महीने में 51 पौधे दिखाई देंगे। उसके आटो में जब भी सवारी बैठती हैं तो उससे जरूर बात करती हैं। वह भी सवारियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करते हैं। अन्य चालकों से भी वे इस तरह का प्रयोग करने के लिए कहते रहते हैं।
