
सावन का महीना पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान जो भक्त पूरे श्रद्धा भाव से पूजा एवं जल और दूध का अभिषेक करता है उसे समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। ऐसा माना जाता है कि यदि कुंवारी कन्याएं सावन के महीने में विधि पूर्वक शिव पूजन करती हैं तो उन्हें जल्द ही अच्छे वर की प्राप्ति होती है। यही नहीं जो भक्त इस पूरे महीने भक्ति भाव से पूजन करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
कैसे करें शिव पूजन
- सावन सोमवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में जागें। इसके बाद पूरे घर की सफाई करके स्नानादि से निवृत्त हो जाएं।
- पूरे घर में गंगा जल या पवित्र नदी का जल छिड़कें।
- पूजा करते वक्त कभी भी काले वस्त्र धारण ना करें बल्कि सावन में मुख्य रूप से हरा, केसरिया, पीला, लाल और सफेद रंग के वस्त्र धारण करना लाभकारी माना जाता है।
- इस दिन भगवान शंकर के साथ पार्वती जी की भी पुष्प, धूप, दीप और जल से पूजा करनी चाहिए।
- सोमवार को भगवान शिव के व्रत या पूजन के दिन, महामृत्युंजय मंत्रका 108 बार जाप करना भी अति श्रेष्ठ माना जाता है। इस जप से सभी रोगों से मुक्ति मिलती है एवं मन को शांति मिलती है।
- इसके अलावा ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना भी सावन सोमवार में लाभदायक होता है। इससे व्यक्ति का मानसिक तनाव दूर होता है।
- यदि आप व्रत करते हैं तो पूरे दिन फलाहार का सेवन करें और दिन में एक बार भोजन करें जिसमें अन्न और नमक का सेवन न करें।
पौराणिक कथाओं के अनुसार सावन के सोमवार के दिन व्रत करने वाले भक्तों को शिवलिंग पर बिल्व पत्र, धतूरा, सफ़ेद फूल, मोगरा, आक के फूल श्वेत और रक्त चंदन भस्म, श्वेत मदार, कनेर, बेला, गुलाब पुष्प, बेल फल, भांग चढ़ाने चाहिए और दूध से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि बिल्व पत्र भगवान शिव को बहुत प्रिय है और बिल्व अर्पित करने पर शिव जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं और अपना असीम आशीर्वाद भक्तों को प्रदान करते हैं।
