

मध्य प्रदेश दिव्यांग जनों के लिए किसी तरह की योजनाएं नहीं बनाने के विरोध में दिव्यांगजन पैदल मार्च कर सरकार के खिलाफ मोर्चा निकाल रहे हैं । प्रदेशभर के दिव्यांग जन राघौगढ़ से गुना तक की 40 किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं। यह यात्रा 7 से 17 नवंबर तक होगी जिसमें प्रदेशभर के दिव्यांग जन शामिल हुए हैं। दिव्यांगजन संघ ने बताया कि
मध्यप्रदेश सरकार ने पिछले 20 सालों से दिव्यांगों के लिए कोई ऐसी योजनाएं या काम नही किये जिससे उनके जीवन में बदलाब आया हो या उनका जीवन बेहतर हुआ हो।
पेंशन अन्य राज्यों से कम मिलती है और वर्तमान में जो अन्य योजनाएं चल रही है उनका लाभ भी सभी पात्र दिव्यांग व्यक्तियों तक नहीं पहुंच पाया है। स्थिति ये है कि दिव्यांगों के लिए जो कानून बनाये गए है उन्हें भी धरातल पर लागू करने में सरकार उदासीन रही है। वर्ष 2016 से दिव्यांगों के लिए मध्यप्रदेश की समस्त बस सेवाओ में दिव्यांगों का किराया 50% किया जा चुका है, लेकिन इस कानून को सरकार और प्रशासन दोनो पूरी तरह लागू नहीं करवा पाए हैं। आज भी आए दिन दिव्यांगो से बसों में अभद्रता होती है। इससे मध्यप्रदेश का दिव्यांग शोषित है, पीड़ित है, परेशान है, लेकिन दिव्यांगों की तरफ सरकार ध्यान नही देती, न ही दिव्यांगों के जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाती है। मध्यप्रदेश में कार्यरत दिव्यांग की अनेको संस्थाओं व दिव्यांग प्रतिनिधियों ने मिलकर दिव्यांग स्वभिमान पदयात्रा का एलान किया, यात्रा में करीब एक हजार दिव्यांग शामिल हुए हैं। यह यात्रा 7 नवम्बर 2022 सोमवार को राघौगढ़ से शुरू होगी एवं एवं 17 नवम्बर को गुना कलेक्टोरेट में पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दिव्यांग स्वाभिमान पद यात्रा समाप्त होगी!
