Hindi News, Latest News in Hindi, हिन्दी समाचार, Hindi Newspaper
दुनियाब्रेकिंग न्यूज़

अमेरिका में बर्फीले तूफान में 41 लोगों की मौत, जानें क्‍या है बम साइक्‍लोन और क्‍यों मचा रहा तबाही

अमेरिका (US) में इस समय मौसम ने हाहाकार मचा रखा है। बर्फबारी और बर्फीले तूफान ने अब तक 40 से ज्‍यादा लोगों की जान ले ली है। इस खराब मौसम की वजह उस बम चक्रवात को बताया जा रहा है जिसकी वजह से अमेरिका और कनाडा तक तबाही आई हुई है। वैज्ञानिक भी इस स्थिति को देखकर हैरान हैं और उनका कहना है कि अगले कुछ दिनों मौसम ऐसा ही रहेगा।
अमेरिका से लेकर कनाडा तक इस समय मौसम कहर बरपा रहा है। अब तक मौसम ने अमेरिका में 41 लोगों की जान ले ली है। इस मौसम के पीछे उस बम चक्रवात को जिम्‍मेदार बताया जा रहा है जिसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह का च‍क्रवात काफी असाधारण होता है। इस तूफान में काफी तेज हवाएं चल रही हैं, भारी बर्फबारी या तेज बारिश भी कई जगहों पर हो रही हैं। अमेरिका में मौसम ऐसा है कि न्‍यूयॉर्क की मेयर ने इसे बिल्‍कुल किसी वॉरजोन की तरह करार दिया है। जानिए क्‍या है यह बम साइक्‍लोन जिसकी वजह से अमेरिका में तबाही का आलम है।
क्‍या है बम चक्रवात
अमेरिका में आने वाले दिनो में बम साइक्‍लोन या चक्रवात के और गहराने के आसार हैं। क्‍या है यह बम चक्रवात? बम चक्रवात यानी बहुत जल्‍द तेज होने वाला कम दबाव वाला सिस्‍टम। बम चक्रवात सामान्‍य बर्फीले तूफान भी हो सकते हैं या फिर वो उष्णकटिबंधीय भी हो सकते हैं। जब सेंट्रल प्रेशर 24 घंटे के अंदर कम से कम 24 मिलीबार गिरा हो तो मौसम की उस स्थिति को बम चक्रवात कहते हैं।
बम की तरह मौसम
इस तरह के अधिकांश तूफान समुद्र के ऊपर होते हैं लेकिन वो जमीन पर बम की तरह बरस सकते हैं और तबाही ला सकते हैं। इस समय यह तूफान बड़ी झीलो की तरफ बढ़ रहा है। जहां पर कभी बहुत ठंडी हवा तो कभी बहुत गर्म नम हवा होती है, वहां पर इसकी आशंका बढ़ जाती है। इस तरह के तूफानों के लिए मध्य अटलांटिक और पूर्वोत्तर तट से दूर की जगह को बेहतर माना जाता है जहां गल्फ स्ट्रीम का गर्म पानी होता है।
कनाडा में आदर्श स्थितियां
इस चक्रवात में जब हवाएं चलती हैं और उस समय धरती के घूमने की वजह से चक्रवाती प्रभाव पैदा होता है। नेशनल वेदर सर्विस के प्रवक्‍ता जॉन मूर कहते हैं कि बम चक्रवात के लिए आदर्श स्थितियां कनाडा के ग्रेट लेक्‍स में हैं। यहां पर घुमावदार ध्रुवीय भंवर से आने वाली हवा ठंडी आर्कटिक हवा पूर्व की ओर बहुत गर्म हवा से मिलती है। कहीं-कहीं पर हवा का दबाव 962 मिलीबार्स तक गिर जाता है तो कहीं 1047 मिलीबार्स तक गिरावट दर्ज होती है।
कब मिलेगी राहत
वह इलाका जहां अलग-अलग दिशाओं से आने वाली हवाएं मिलती हैं, उसे आर्कटिक फ्रंट कहते हैं। यहां पर उत्‍तर से पूर्व की तरफ हवाएं बहती हैं। यह स्थितियां बम च‍क्रवात के लिए आदर्श होती हैं। लेकिन जैसे ही आर्कटिक की हवा अमेरिका के बाकी हिस्सों की तरफ बढ़ेगी, गर्म होती जाएगी। इसकी वजह से दबाव का अंतर कम हो जाएगा और तूफान कमजोर हो जाएगा। मूर के मुताबिक नए साल के बाद ही मौसम में कुछ राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान औसत से ऊपर रहने का अनुमान है।

Related posts

वाराणसी में दौड़ेगी अब वन्दे मेट्रो ट्रैन,120 किलोमीटर दूर तक के शहरों को करेगी कवर

Admin

Ind Vs Aus 3rd T20 :रोमांचक मुक़ाबले में भारत ने एक गेंद रहते जीता मैच, सूर्य कुमार यादव और विराट के बेहतरीन पचासे

Live Bharat Times

श्रद्धा की तरह फ्रिज में…राखी की शादीशुदा जिंदगी में पड़ी दरार! आदिल का दूसरी लड़की से संबंध

Admin

Leave a Comment