

पटना: जद (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के बीच सोमवार रात उनके आवास पर हुई मुलाकात से राजकीय गलियारों में चर्चाए तेज हुई है।
जबकि राजद ने इसे एक नियमित मामला बताया, राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों ऐसे समय में मिले थे जब जद (यू) संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा विवाद पैदा कर रहे थे।
मंगलवार को कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जद (यू) और राजद के बीच समझौते की बात कर एक और धमाका कर दिया। हालांकि, राजद नेताओं ने कहा कि सौदा ‘भाजपा मुक्त भारत’ बनाने के लिए किया गया है और यह सभी को पता है।
तेजस्वी और ललन के बीच हुई बैठक के बारे में पूछे जाने पर कि क्या कुशवाहा इसका कारण थे, राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने कहा, “जहां तक तेजस्वी जी और ललन जी के बीच बैठक का सवाल है, यह एक नियमित मामला है। इस बैठक में क्या गलत है? दोनों नेता कभी-कभी मिलते हैं।” कुशवाहा के तेवर पर यादव ने जवाब दिया, ”उपेंद्र कुशवाहा खुद जवाब दें।”
यहां तक कि राजद के प्रवक्ता चितरंजन गगन ने महागठबंधन के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच सोमवार रात की बैठक को एक नियमित मामला बताया और कहा, “जहां तक हमारे बीच समझौते का सवाल है, जैसा कि उपेंद्र कुशवाहा ने बताया, हां हमारे बीच एक सौदा हुआ था और वह देश को आजाद कराने के लिए था। भाजपा के चंगुल से छुड़ाओ, लोकतंत्र बचाओ और प्रेम और सद्भाव फैलाओ।”
हालांकि, रिकॉर्ड से बाहर, जीए नेताओं ने भाजपा के एजेंडे पर काम करने के लिए कुशवाहा की आलोचना की। जीए के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “बीजेपी द्वारा उनका इस्तेमाल किया जा रहा है, जैसा कि भगवा पार्टी ने आरसीपी सिंह का इस्तेमाल किया।”
