

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर पहली बार सिंगापुर की मिनिस्ट्री ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने यूपी सरकार के साथ एक एमओयू पर साइन किया है। सिंगापुर और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच हुए इस समझौते के अनुसार दोनों सरकारे अर्बन डेवलपमेंट, सस्टेनेबल डेवलपमेंट इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रो में एक दूसरे का सहयोग करेंगी। यह एमओयू दोनों सरकारों के आर्थिक विकास के बीच अधिक सहयोग की सुविधा प्रदान करेगा। सिंगापुर की सरकार प्रदेश के पांच प्रमुख क्षेत्रो में सहभागिता करेगी।
इस एमओयू के तहत सबसे पहले उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के कुधा केशवपुर में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। जिसमे स्मार्ट वॉटर टेक्नोलॉजी की मदद से प्रदेश की वॉटर सस्टेनेबिलिटी को बढ़ाया जाएगा। एमओयू की कोऑपरेटिव एक्टिविटीज की प्लानिंग, मॉनीटरिंग, इंप्लीमेंट और रिव्यू के लिए एक ज्वॉइंट पार्टनरशिप कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में सिंगापुर और उत्तर प्रदेश के वो सीनियर ऑफिशियल्स शामिल होंगे, जिन्हें संबंधित क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त होगी। यह जेपीसी एमओयू के तहत हो रहे कार्यों के निरंतर प्रगति की रिपोर्ट सिंगापुर की मिनिस्ट्री ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के पर्मानेंट सेक्रेट्री के साथ ही साथ उत्तर प्रदेश सरकार के चीफ सेक्रेट्री को भी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। गौरतलब है कि 10 से 12 फरवरी के बीच लखनऊ में आयोजित हुई उत्तरप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सिंगापुर की 21 कंपनियों के साथ साथ 58 डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया था।सिंगापुर ने में बतौर पार्टनर कंट्री जापान, नीदरलैंड्स और डेनमार्क जैसे देशों के साथ यूपीजीआईएस में हिस्सा लिया था। इसके अलावा सिंगापुर की 6 कंपनियों ने भी उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एमओयू साइन किया है।
