
मुंबई , 18 दिसंबर:
सफलता का शोर और अक्षय की शांति
अक्षय खन्ना हमेशा से ही लाइमलाइट से दूर रहने वाले कलाकार रहे हैं। ‘धुरंधर’ की रिलीज के बाद जब पूरी स्टारकास्ट और निर्माता पार्टी कर रहे हैं, तब अक्षय खन्ना का यह कहना कि वह इस कामयाबी से “अनबदर्ड” (बेपरवाह) हैं, उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है। एक हालिया बातचीत में उन्होंने कहा, “एक अभिनेता के तौर पर मेरा काम कैमरा बंद होते ही खत्म हो जाता है। फिल्म हिट हो या फ्लॉप, मैं इसे अपने सिर पर नहीं चढ़ने देता।”
क्यों खास है फिल्म ‘धुरंधर’?
‘धुरंधर’ एक हाई-ऑक्टेन एक्शन थ्रिलर है जिसमें अक्षय खन्ना ने एक तेज-तर्रार जांच अधिकारी की भूमिका निभाई है। दर्शकों का कहना है कि अक्षय की स्क्रीन प्रेजेंस ने फिल्म में जान फूंक दी है। लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर अक्षय का यह अवतार देख फैंस काफी उत्साहित हैं। फिल्म ने पहले हफ्ते में ही उम्मीद से दोगुना कारोबार किया है, जो 2025 की सफल फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है।
प्रोफेशनल अप्रोच पर अक्षय के विचार
अक्षय खन्ना ने बताया कि वह स्क्रिप्ट के चुनाव में बहुत सावधानी बरतते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे भीड़ का हिस्सा बनना पसंद नहीं है। अगर फिल्म अच्छा कर रही है तो यह टीम की मेहनत है, लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से अगली कहानी की तलाश में निकल चुका हूँ।” फिल्म इंडस्ट्री में जहाँ स्टार्स अपनी फिल्मों की सफलता का जश्न हफ्तों तक मनाते हैं, वहीं अक्षय का यह शांत और व्यावहारिक दृष्टिकोण उन्हें बाकी सभी से अलग खड़ा करता है।
अक्षय खन्ना का यह “शॉकिंग रिएक्शन” असल में उनकी ईमानदारी को दर्शाता है। वह एक ऐसे अभिनेता हैं जो केवल अपने क्राफ्ट पर ध्यान देते हैं, न कि उससे जुड़ी चकाचौंध पर। ‘धुरंधर’ की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कंटेंट और टैलेंट ही असली राजा हैं।
लेटेस्ट हिंदी समाचार अपडेट के लिए Facebook पर लाइव भारत टाइम्स के पेज को फॉलो करें।
