
3 फरवरी, नई दिल्ली:
पीएम मोदी का आत्मविश्वास और ‘विकसित भारत’ का संकल्प
इस बड़ी कूटनीतिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी खुशी साझा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए देशवासियों को प्रेरित किया। पीएम मोदी ने लिखा, “आत्मविश्वास वह शक्ति है, जिसके बल पर सब कुछ संभव है। विकसित भारत के सपने को साकार करने में देशवासियों की यही शक्ति बहुत काम आने वाली है।” उन्होंने एक संस्कृत श्लोक के माध्यम से यह संदेश दिया कि साहस, कौशल और संयम ही सफलता की जड़ होते हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था और निर्यातकों को मिलेगी संजीवनी
टैरिफ में इस भारी कटौती का सीधा लाभ भारतीय निर्यातकों, विशेषकर लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को मिलेगा। 50% टैरिफ के कारण भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाते थे, जिससे प्रतिस्पर्धा करना कठिन होता था। अब 18% की दर लागू होने से ‘मेड इन इंडिया’ उत्पाद जैसे कपड़ा, रत्न-आभूषण, इंजीनियरिंग गुड्स और कृषि उत्पाद अमेरिका में सस्ते होंगे, जिससे भारत का निर्यात तेजी से बढ़ेगा।
केंद्रीय कैबिनेट ने फैसले को बताया ऐतिहासिक
इस समझौते के बाद भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की है:
राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री): उन्होंने इसे आर्थिक सहयोग का नया अध्याय बताया। उनके अनुसार, यह डील दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
अमित शाह (गृह मंत्री): उन्होंने इस दिन को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए ‘बड़ा दिन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे आपसी विकास और मजबूत व्यापारिक संबंधों का रास्ता साफ हो गया है।
निर्मला सीतारमण (वित्त मंत्री): वित्त मंत्री ने इसे भारतीय निर्माताओं के लिए बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि टैरिफ में इस राहत से भारतीय लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ होगा।
निष्कर्ष
यह व्यापार समझौता न केवल दोनों देशों के बीच आर्थिक खाई को पाटने का काम करेगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख को भी दर्शाता है। राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी की यह व्यक्तिगत केमिस्ट्री अब धरातल पर बड़े आर्थिक परिणामों के रूप में दिख रही है, जो आने वाले समय में भारत के ‘पाँच ट्रिलियन डॉलर’ इकोनॉमी के लक्ष्य को गति प्रदान करेगी।
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