
हमारा पड़ोसी देश श्रीलंका इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहा है। वहां जरूरी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। डीजल-पेट्रोल और गैस के मामले में स्थिति और गंभीर हो गई है. पेट्रोल-डीजल खरीदने के चक्कर में कुछ लोगों की जान भी जा चुकी है। वहां की स्थिति अब इस हद तक बिगड़ गई है कि श्रीलंका सरकार ने पेट्रोल पंपों और गैस स्टेशनों पर सैनिकों को तैनात करने का फैसला किया है।
पेट्रोल और डीजल की कमी
श्रीलंका में न सिर्फ डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़े हैं, बल्कि इनकी कमी भी हो गई है. इसके चलते पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। हजारों की संख्या में लोग तेल खरीदने के लिए घंटों कतार में खड़े हैं।
तीन बुजुर्गों की मौत
एक मीडिया रिपोर्ट में श्रीलंकाई सेना के प्रवक्ता नीलांता प्रेमरत्ने के हवाले से कहा गया है कि घंटों कतार में खड़े रहने के बाद तीन बुजुर्गों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पेट्रोल पंपों पर सेना तैनात करने का फैसला लिया गया है.
प्रेमरत्ने ने कहा कि सेना सिर्फ तेल बांटने में मदद करेगी ताकि स्थिति और न बिगड़े. उन्होंने कहा कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर कम से कम 2-2 सेना के जवान तैनात किए जाएंगे.
जमाखोरी की शिकायत
अधिकारियों का कहना है कि सेना की तैनाती लोगों की मदद के लिए है न कि लोगों के अधिकारों को छीनने के लिए. सरकार के प्रवक्ता रमेश पथिराना का कहना है कि डीजल-पेट्रोल के अनुचित वितरण और जमाखोरी की शिकायतें मिलने के बाद सेना की तैनाती की जा रही है.
हिंसा की घटनाएं
श्रीलंका में पेट्रोल और डीजल सहित आवश्यक वस्तुओं की किल्लत को लेकर कई जगहों पर छिटपुट हिंसा की खबरें आई हैं। पुलिस ने कहा कि इसी तरह की घटना में सोमवार को एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना एक तिपहिया वाहन चालक के साथ बहस के बाद हुई। इससे पहले भीषण धूप में घंटों लाइन में लगने से तीन बुजुर्गों की मौत हो गई थी। अधिकारियों को उम्मीद है कि सेना की तैनाती के बाद स्थिति में सुधार होगा।
