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सरदार पटेल की पुण्यतिथि पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- देश को एक करने के प्रयास का आभारी रहेगा देश

आज़ादी  के बाद बड़ी संख्या में रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने का श्रेय मुख्य रूप से सरदार पटेल को जाता है। 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के खेड़ा जिले में एक किसान परिवार में जन्मे पटेल को उनकी कूटनीतिक क्षमताओं के लिए हमेशा याद किया जाता रहा है।

सरदार पटेल की मूर्ति


देश की आजादी में अहम योगदान देने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि के तौर पर 15 दिसंबर की तारीख इतिहास में दर्ज है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 71वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘सरदार पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें याद कर मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं। उनकी असाधारण सेवा, उनके प्रशासनिक कौशल और हमारे राष्ट्र को एकजुट करने के अथक प्रयासों के लिए भारत हमेशा उनका आभारी रहेगा।

उनके विचार हमेशा देश का मार्गदर्शन करेंगे : अमित शाह
वहीं देश के गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल को याद करते हुए ट्वीट किया, ‘हर भारतीय के दिल में बसने वाले देश की एकता और अखंडता के अद्भुत शिल्पी लौह पुरुष सरदार पटेल के जीवन का क्षण-क्षण आत्मा को जगाने के लिए समर्पित। उनके विचार हमेशा देश का मार्गदर्शन करेंगे। ऐसे महान युगपुरुष और राष्ट्रीय गौरव के चरणों में कोटिशः प्रणाम।

आजादी के बाद बड़ी संख्या में रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने का श्रेय मुख्य रूप से सरदार पटेल को जाता है। 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के खेड़ा जिले में एक किसान परिवार में जन्मे पटेल को उनकी कूटनीतिक क्षमताओं के लिए हमेशा याद किया जाता रहा है। देश के पहले उपप्रधानमंत्री सरदार पटेल ने आज़ादी के बाद देश के नक्शे को उसका वर्तमान स्वरूप देने में अमूल्य योगदान दिया।

गुजरात में दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति
पटेल की राजनीतिक और कूटनीतिक क्षमता ने देश को एक करने में अहम भूमिका निभाई। भारत रत्न से सम्मानित सरदार पटेल ने 15 दिसंबर 1950 को अंतिम सांस ली। देश की एकता में उनके योगदान को श्रद्धांजलि देने के लिए गुजरात में नर्मदा नदी के पास उनकी एक विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। यह दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है।

सरदार सरोवर बांध पर स्थापित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की ऊंचाई 182 मीटर है, जो अमेरिका के न्यूयॉर्क में 93 मीटर ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ की ऊंचाई से दोगुना है। इसका कुल वजन 1700 टन है। पैर की ऊंचाई 80 फीट, हाथ की ऊंचाई 70 फीट, कंधे की ऊंचाई 140 फीट और चेहरे की ऊंचाई 70 फीट है। चीन के स्प्रिंग टेंपल की 153 मीटर ऊंची बुद्ध प्रतिमा के नाम विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होने का रिकॉर्ड था, जिसने सरदार पटेल द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

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