
राजधानी में जयपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में रिश्वतखोरी के मामले में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई की है. इस दौरान एक आरएएस अधिकारी ममता यादव समेत 4 अन्य कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए।

अफसर ममता यादव रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
राजस्थान में घूसखोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पूरा सरकारी विभाग रिश्वतखोरी के जाल में फंस गया और राज्य प्रशासनिक सेवा, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एंटी-करप्शन ब्यूरो) के एक अधिकारी की दलील सुनकर रंगे हाथों पकड़ा गया। भ्रष्टाचार ब्यूरो के अधिकारियों ने सिर पकड़ लिया। दरअसल, मामले के अनुसार सोमवार को राजधानी जयपुर में शहर के विकास के लिए जिम्मेदार जयपुर विकास प्राधिकरण के उपायुक्त समेत पूरे कार्यालय को एसीबी ने घूस लेते हुए टक्कर मार दी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद भी राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी ममता यादव भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों के सामने हंसने लगीं और कहा कि जब कोई मंदिर में प्रसाद चढ़ाने आता है तो हम भला मना कैसे कर सकते हैं । ममता यादव की ये दलील सुनकर एसीबी अधिकारियों के होश उड़ गए.
आरएएस अधिकारी ने बताया मंदिर चढ़ाने की रिश्वत
अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार जयपुर विकास प्राधिकरण के संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत की गयी थी जिसके अनुसार जवाहर सर्किल क्षेत्र के सिद्धार्थ नगर में एक व्यक्ति अपनी पुश्तैनी जमीन का पट्टा लेने के बदले मोटी रिश्वत की मांग कर रहा था. उपायुक्त ममता यादव उस व्यक्ति से जेडीए की ओर से साढ़े छह लाख रुपये और कनिष्ठ अभियंता श्याम 3 लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रही थी, जिसके बाद उन्होंने दोनों अधिकारियों से एसीबी में शिकायत की.
उपायुक्त कार्यालय तक फैला घूस का जाल
एसीबी ने उक्त व्यक्ति की शिकायत के बाद कार्रवाई करने के लिए जेडीए कार्यालय में ही जाल बिछाया और रिश्वत लेते हुए आरएएस अधिकारी ममता यादव, जयंत श्याम, भू-नक्शा कर्मचारी विजय मीणा, लेखाकार राम तूफान मंडोतिया और कंप्यूटर ऑपरेटर अखिलेश मौर्य को रंगे हाथों पकड़ा गया
बता दें कि जेडीए में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक ही जोन के सभी अधिकारी रिश्वत लेते पाए गए हैं. जेडीए के इस पट्टे को बांटने के काम में इसी जोन के 4 अधिकारी लगे हुए थे. एसीबी ने एक-एक कर कर्मचारियों को कार्यालय की पार्किंग में रिश्वत लेते हुए पकड़ा, जिसके बाद एसीबी की टीम कड़ी मेहनत करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंची.
