
आईपीएल के 15वें सीजन में आज राजस्थान रॉयल्स अपना पहला मैच सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पुणे के एमसीए स्टेडियम में खेलेगी। आईपीएल में इस बार राजस्थान रॉयल्स नए तेवर और खिलाड़ियों के साथ नजर आएगी। टीम प्रबंधन ने इस बार 24 खिलाड़ियों को 117.5 करोड़ में शामिल किया है। वे बेहतरीन बल्लेबाजों और बेहतरीन गेंदबाजों के साथ हरफनमौला खिलाड़ियों से भरे हुए हैं। ऐसे में राजस्थान की टीम इस बार आईपीएल के खिताब के प्रबल दावेदारों में से एक मानी जा रही है.
ओपनिंग में जोस बटलर, मिडिल ऑर्डर में शिमरोन हेटमायर और गेंदबाजी में ट्रेंट बोल्ट विदेशी खिलाड़ियों के रूप में उतरेंगे। इसके अलावा बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए टीम चौथे विदेशी खिलाड़ी के रूप में वैन डेर डूसन को मैदान में उतार सकती है। वहीं, ऑलराउंड विकल्प को मजबूत करने के लिए जिमी नीशम या नाथन कूल्टर नाइल को चार विदेशी खिलाड़ियों के रूप में लाया जा सकता है।
लसिथ मलिंगा राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाजी कोच हैं।
संगकारा-मलिंगा का पक्ष
इस बार राजस्थान रॉयल्स, कुमार संगकारा और लसिथ मलिंगा का टीम में होना युवा खिलाड़ियों के लिए किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं है। संगकारा और मलिंगा दुनिया के महान क्रिकेटरों में से एक रहे हैं। इन दोनों खिलाड़ियों की बदौलत श्रीलंका की टीम 2011 के वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच सकी। ये दोनों खिलाड़ी 2014 की टी20 विश्व कप विजेता टीम का भी हिस्सा थे। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों के पास राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों को देने के लिए काफी अनुभव है। जो इस बार आईपीएल में टीम की जीत में अहम भूमिका निभा सकता है।
चहल और अश्विन टीम इंडिया के लिए टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी हैं।
स्पिन विभाग में मजबूती
टीम में युजवेंद्र चहल, आर अश्विन और केसी करियप्पा जैसे स्पिनर हैं। चहल और अश्विन टीम इंडिया के लिए टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी हैं। वहीं केसी करियप्पा को इस फॉर्मेट में कंजूस गेंदबाज भी माना जाता है। आईपीएल में भी चहल का प्रदर्शन कमाल का रहा है. उन्होंने 114 मैचों में 139 विकेट लिए हैं। अश्विन बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सकते हैं।
शानदार बल्लेबाजी
टीम में सैमसन और बटलर के अलावा इस बार बल्लेबाजी में देवदत्त पडिकल, यशस्वी जायसवाल, शिमरोन हेटमायर, करुण नायर और रायसी वान डेर डूसेन, रियान पराग जैसे नाम शामिल हैं। पहले टीम 2 से 3 खिलाड़ियों पर निर्भर रहती थी, लेकिन नीलामी में इन नामों के जुड़ने के बाद टीम की यह कमी दूर हो गई है.
राजस्थान की कमजोरी
राजस्थान रॉयल्स की सबसे बड़ी कमजोरी टीम के साथ फिनिशर का न होना है। हेटमायर हालांकि टीम का हिस्सा हैं। लेकिन उनके अलावा राजस्थान के लिए कोई भी खिलाड़ी मैच खत्म करता नजर नहीं आ रहा है. वहीं, हेटमायर ने भी आईपीएल में फिनिशर के तौर पर खुद को अच्छी तरह से स्थापित नहीं किया है। ऐसे में मैच के अंत में टीम को मजबूत करने की तलाश जारी है.
टीम ने मैच के लिए काफी नेट अभ्यास किया।
खुद को साबित करने का मौका
राजस्थान रॉयल्स इस बार आईपीएल की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। ऐसे में अगर टीम में सैमसन की कप्तानी बेहतर होती है तो यह टीम कमाल कर सकती है. इससे पहले 2008 में शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान चैंपियन बना था। लेकिन इस टीम ने पिछले कुछ सालों से वो खेल नहीं दिखाया है. वहीं इस बार टीम काफी संतुलित नजर आ रही है. टीम के पास पावर हिटर और अनुभवी गेंदबाज हैं। बस एक अच्छे लीडर की जरूरत है जो टीम को साथ लेकर चल सके। ऐसे में अगर संजू ऐसा करते हैं। तब राजस्थान की टीम एक बार फिर आईपीएल का खिताब जीतकर सबको चौंका सकती है।
सबसे बड़ा डर
राजस्थान की टीम अपना पहला मैच खेलने से पहले मैदान के बाहर कमाल की लग रही है. लेकिन क्या यह टीम मैदान पर भी अच्छा प्रदर्शन कर पाएगी। यह सबसे बड़ा सवाल है। इससे पहले भी राजस्थान रॉयल्स के पास बटलर, सैमसन, आर्चर जैसे खिलाड़ी हैं। लेकिन टीम चैंपियन नहीं बन पाई। ऐसे में उनका शानदार प्रदर्शन होने के साथ-साथ उनका प्रदर्शन राजस्थान समर्थकों के डर का एक बड़ा कारण बन गया है.
ये हो सकती है संभावित प्लेइंग इलेवन
जोस बटलर, यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिकल, संजू सैमसन, रियान पराग, शिमरोन हेटमायर, जिमी नीशम, आर अश्विन, प्रणभव कृष्णा, युजवेंद्र चहल, ट्रेंट बोल्ट।
