
जेट एयरवेज को गृह मंत्रालय ने सुरक्षा मंजूरी दे दी है। सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद उम्मीद है कि कंपनी जल्द ही अपनी सेवाएं शुरू करेगी। जेट एयरवेज ने 5 मई को हैदराबाद से दिल्ली के लिए टेस्ट फ्लाइट की थी। कंपनी के सीईओ ने इसे ‘इमोशनल मोमेंट’ बताया है।
सितंबर से शुरू हो सकती है उड़ानें
कंपनी के नए सीईओ संजीव कपूर ने कुछ दिन पहले कहा था कि एयर ऑपरेटर के सर्टिफिकेट के नवीनीकरण के बाद कंपनी जुलाई-सितंबर तिमाही में ही उड़ान शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी को मई की शुरुआत में सर्टिफिकेट मिलने की उम्मीद है।
आकाश एयर भी मई-जून तक शुरू हो सकती है
आकाश एयर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने कुछ दिन पहले बताया था कि एयरलाइन की पहली व्यावसायिक उड़ान जून महीने में शुरू होने की उम्मीद है। यह परिचालन शुरू होने के पहले 12 महीनों में 18 विमानों का एक बेड़ा बनाने की योजना बना रहा है और उसके बाद एयरलाइन हर साल 12-14 विमान जोड़ेगी।
जेट एयरवेज को क्यों बंद किया गया?
जेट एयरवेज की शुरुआत 1990 के दशक की शुरुआत में टिकट एजेंट से उद्यमी बने नरेश गोयल ने की थी। उन्होंने जेट एयरवेज शुरू कर लोगों को एयर इंडिया का विकल्प दिया। एक समय जेट के पास कुल 120 विमान थे। टैग लाइन ‘द जॉय ऑफ फ्लाइंग’ के साथ काम करते हुए, कंपनी एक दिन में 650 उड़ानें संचालित करती थी जब वह अपने चरम पर थी।
हालांकि, जब कंपनी बंद हुई तो उसके पास केवल 16 विमान ही बचे थे। मार्च 2019 तक कंपनी का घाटा 5,535.75 करोड़ रुपये था। भारी कर्ज के चलते कंपनी 17 अप्रैल 2019 को बंद हो गई।
