
प्रयागराज। सेना भर्ती की अग्निपथ योजना को लेकर प्रारम्भ
सेना भर्ती के लिए अग्निपथ योजना के विरोध में 17 जून से प्रारम्भ हुए आंदोलन के चलते अब तक पांच दिनों में उत्तर मध्य रेलवे के क्षेत्र से गुजरने वाली सवा दो सौ ट्रेनें खारिज हुई हैं। ट्रेनों के खारिज होने से बड़ी संख्या में यात्री भी टिकट कैंसल करा रहे हैं। नार्थ सेंट्रल रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉ अमित मालवीय के अनुसार यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन पर फुल रिफंड दिया जाता है। यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन और रिफंड लेने में कोई परेशानी और कठिनाई ना हो इसके लिए प्रमुख स्टेशनों पर हेल्पडेस्क बनाई गई है।
इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए हेल्प डेस्क
उनके अनुसार प्रयागराज, आगरा, झांसी आदि स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क खोले गए हैं। इन पर तैनात रेल कर्मचारी यात्रियों को रिफंड लेने में सहायता करते हैं। इसके साथ ही साथ दूसरी ट्रेनों की जानकारी भी देते हैं। वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉ अमित मालवीय के अनुसार अग्निपथ योजना को लेकर विरोध प्रदर्शनों के चलते रेलवे स्टेशनों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। रेलवे स्टेशनों पर जीआरपी और आरपीएफ के साथ ही सिविल पुलिस और पीएसी की भी तैनाती की गई है। स्टेशनों पर पुलिस की गश्त जारी है और फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है, ताकि किसी अराजक स्थिति का कोई सामना ना करना पड़े।
अधिकारी कहे धीरे धीरे सामान्य हो रहा ट्रेक
वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार ट्रेनों का परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। उन्होंने रेल यात्रियों और आम लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी आंदोलन में शामिल ना हो। उन्होंने बोला है कि रेल की संपत्ति को जब हानि होता है,तो यह हम सब की और देश की संपत्ति की क्षति होती है। इसको किसी तरह के हानि से हम सब को नुकसान होती है। वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉ अमित मालवीय के अनुसार ट्रेनों में तोड़फोड़ और आगजनी के लिए जो भी लोग उत्तरदायी हैं, वीडियो फुटेज के आधार पर उनके विरूद्ध मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी भी हो रही है। उनके अनुसार नार्थ सेंट्रल रेलवे के यूपी के भीतर कोई खास तानाशाही नहीं हुई है। उन्होंने बताया है कि वाराणसी से चेन्नई के लिए एक विशेष ट्रेन भी चलाई जा रही है। ताकि जो फंसे हुए यात्री हैं वह अपने गंतव्य तक पहुंच सकें.
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