
योगी गवर्नमेंट (Yogi government) अब सरकारी कामकाज को और अधिक पारदर्शी करने के तौर-तरीकों पर जोर दे रही है ताकि उनको सत्ता में बिठाने वाली आम जनता को गवर्नमेंट
प्रोटोकाल पोर्टल पर उत्तर प्रदेश आने वाले सभी सरकारी मेहमानों के आने की वजह, गाड़ी, सुरक्षा व्यवस्था, रहना-खाना आदि सभी जानकारियां मौजूद रहेगी। सभी के डॉक्यूमेंट्स भी साथ में अटैच रहेंगे।
इसी तरह ई-कैबिनेट पोर्टल ऐसी सेवा है जिसमें अभी तक कैबिनेट की बैठकों को कब आयोजित करना है, बैठक का एजेंडा क्या होगा और बैठक के निर्णय आदि की डिटेल होती है। अभी तक इस पोर्टल सेवा से मुख्यमंत्री, गवर्नमेंट में मंत्री, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव आदि सरकारी अधिकारी जुड़े हैं मगर अब योगी गवर्नमेंट जल्द ही नागरिकों को भी इससे जोड़ने का कोशिश कर रही है। इसके मामले में प्रस्ताव बनाने का आदेश सीएम कार्यालय से जारी हो चुका है।
शिकायतों पर तुरंत समाधान, योगी स्वयं करते हैं निरीक्षण
जनसुनवाई पोर्टल पर अभी तक 3.54 करोड़ लोगों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं जिसमें से 3.48 करोड़ समस्याओं का निवारण किया जा चुका है। सीएम योगी आदित्यनाथ अपने जनता दरबार और भिन्न-भिन्न जगहों पर बार-बार ये बोलते सुने जाते हैं कि जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराइए, निवारण जरूर होगा। सीएम कई बार इस पोर्टल का औचक निरीक्षण भी करते हैं। 1076 हेल्पलाइन नम्बर के जरिए भी 1.61 करोड़ शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं जिसमें 1.49 करोड़ यानि 96 फीसदी शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
एंटी-भू माफिया पोर्टल और बुलडोजर कार्रवाई का जोरदार रिस्पांस
एंटी-भू माफिया पोर्टल पर भी 3.26 करोड़ शिकायतों में से 3.22 करोड़ समस्याओं की सुनवाई हो चुकी है। एंटी भू माफिया पोर्टल का रिस्पांस बुलडोजर के काम के बाद से और अच्छा हो गया है। मुख्यमंत्री राहत कोष से अभी तक 393.72 करोड़ की रकम 22,006 लोगों को दी जा चुकी है। सीएमआईएस पोर्टल प्रदेश में आने वाले 1 करोड़ तक के निवेश को मानिटर करता है इसके मुताबिक 13,773 प्रस्तावों में से 5,132 प्रस्ताव पूरे हो चुके हैं और 8641 प्रस्तावों पर काम चल रहा है। सीएम एंटी भ्रष्टाचार पोर्टल पर कोई भी नागरिक किसी भी अधिकारी या विभाग के विरूद्ध करप्शन की कम्पलेन दर्ज करा सकता है। अभी तक ऐसे 6264 करप्शन के मुद्दे इस पोर्टल पर रजिस्टर हो चुके हैं
