
वाराणसी जिला अदालत ज्ञानवापी मस्जिद परिसर विवाद की आज यानि सोमवार को एक बार फिर से सुनवाई करेगी। बता दें कि पांच महिलाओं ने श्रृंगार गौरी और अन्य देवताओं की पूजा करने की अनुमति की मांग की है। कोर्ट अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद की दलीलों पर सुनवाई फिर से शुरू करेगी। इससे पहले 30 मई को जिला जज एके विश्वेश ने मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को तय की थी। मुस्लिम पक्ष ने याचिका की स्थिरता के खिलाफ तर्क दिया है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद में हाल ही में मिले ढांचे की सच्चाई का पता लगाने के लिए उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति के गठन का अनुरोध करने वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर विचार करने से इंकार कर दिया है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की अवकाशकालीन पीठ ने सुधीर सिंह आदि की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश किया। अदालत ने विस्तृत आदेश बाद में जारी करने को कहा है। याचिका का उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से विरोध करते हुए मुख्य स्थायी अधिवक्ता (प्रभारी)अभिनव नारायण त्रिवेदी ने कहा कि याचिका क्षेत्राधिकार के अभाव में पोषणीय नहीं है क्योंकि वाराणसी क्षेत्र लखनऊ खंडपीठ के बजाय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।
