
सेना की इस तैयारी को 1 फरवरी को हुए सैन्य तख़्तापलट के बाद देश में हो रहे विरोध को ख़त्म करने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
देश के उत्तर में बसे काचिन में लगातार नौ दिनों से सेना के तख़्तापलट के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं. यहां सुरक्षाबलों के प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाने की भी ख़बर है.
संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने म्यांमार की सेना पर लोगों के ख़िलाफ़ ‘जंग का ऐलान’ करने का आरोप लगाया है.


