
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा के लोगों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित होने वाला पहला राज्य बनने पर बधाई देते हुए शुक्रवार को कहा कि सरकार बनाने के लिए, किसी को उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती, जितनी मेहनत देश बनाने के लिए करनी पड़ती है। पीएम मोदी ने अपने एक वर्चुअल संबोधन में कहा कि गोवा पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्र की दृष्टि में एक प्रगतिशील भूमिका निभा रहा है। वे गोवा के सभी लोगों और स्थानीय निकायों को शुभकामनाएं देते हैं। जिस तरह से गोवा ने ‘हर घर जल’ पर काम किया है, वह पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आने वाले महीनों में अन्य राज्य भी इस सूची में आ जाएंगे। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह सच है कि सरकार बनाने के लिए, किसी को उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती, जितनी मेहनत देश बनाने के लिए करनी पड़ती है। पीएम ने कहा, ‘हम सभी ने राष्ट्र निर्माण के लिए काम करने का विकल्प चुना है। इसलिए हम वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों पर काम कर रहे हैं। जिन्हें देश की परवाह नहीं है, उन्हें देश का वर्तमान या भविष्य खराब होने की परवाह नहीं है। ऐसे लोग बड़ी-बड़ी बातें जरूर कर सकते हैं, लेकिन पानी के लिए बड़े विजन के साथ कभी काम नहीं कर सकते। ’
दुनिया के सामने जल सुरक्षा की चुनौती के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में पानी की कमी एक बड़ी बाधा बन सकती है। हमारी सरकार जल सुरक्षा की परियोजनाओं के लिए पिछले 8 वर्षों से अथक प्रयास कर रही है। जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार के बहुआयामी दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने ‘कैच द रेन’, अटल भूजल योजना, हर जिले में 75 अमृत सरोवर, नदियों को आपस में जोड़ने और जल जीवन मिशन जैसी पहलों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारत में अब रामसर साइट्स यानि वेटलैंड की संख्या भी बढ़कर 75 हो गई है।
