

आधुनिक ज़िंदगी भागदौड़ और तनाव भरी है। अधिकतर लोगों के साथ तनाव में बने रहना इतना सामान्य हो जाता है की उन्हें इस बात का पता ही नहीं चलता की धीरे धीरे तनाव उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है।
तनाव मानसिक शांति को तो भंग करता ही है। साथ साथ कई शारारिक बिमारियों को भी जन्म देता है। व्यक्ति उम्र से पहले ही बूढ़ा हो जाता है। इसलिए तनाव से मुक्ति पाना हमारे सुखी और स्वस्थ जीवन के लिए बहुत जरूरी है। तो मन को शांत कैसे करें
मेडिटेशन विशेष रूप से इस सूत्र पर फोकस करता है कि हमें वर्तमान में रहना है। खासतौर पर यह पद्धति भावात्मक उतार-चढ़ावों के प्रति समता बनाए रखने से जुड़ी है।
सॉइकालॉजी विचार-भाव-प्रतिक्रिया के सिद्धांत पर काम करती है। अपने विचारों की क्वालिटी को पहचानना और उनके प्रति प्रतिक्रिया ना देते हुए समता बनाए रखना ही शांति का अहम फार्मूला है।
यूूं तो शून्यपूर्ण वातावरण में ही ध्यान का अभ्यास किया जा सकता है परंतु घर पर ऐसा वातावरण ना मिले तो संगीत की धुन पर भी आप इसे कर सकते हैं। ओउम की ध्वनि पर भी मेडिटेशन का अभ्यास किया जाता है। आजकल यू-ट्यूब पर ध्यान की ढेरों विधियॉं और म्यूजिक उपलब्ध जिनपर आप इसे कर सकते हैं।
मिज़ाज़ को हमेशा ठंडा रखिये। आपका क्रोधित होना सामने वाले को कम और आपको ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। अगर आपको गुस्सा आये या कुछ नुकसान भी हो जाये तो कोशिश कीजिये अपने आप को समझाने की। शांत मन से फैसला और शांति का संवाद आपके मिज़ाज़ को ठंडा रखता है। अपने दिमाग को ठंडा रखने की कोशिश कीजिये नहीं तो आप राई जितनी बात का भी पहाड़ जितना टेंशन पाल लेंगे।
