

पिछले दो साल से लद्दाख सीमा पर तनाव कम होता जा रहा है और गोगरा-हॉटस्प्रिंग इलाके में तैनात भारतीय और चीनी सैनिकों की ‘रणनीतिक वापसी’ शुरू हो गई है। यह जानकारी भारत और चीन के सशस्त्र बलों द्वारा सौंपे गए एक संयुक्त बयान में दी गई।
2020 में डोकलाम में चीनी सैनिकों की घुसपैठ के बाद बड़ी झड़प हुई थी। उसके बाद लद्दाख सीमा पर बढ़े तनाव को कम करने के लिए बातचीत का दौर जारी है। जुलाई के महीने में दोनों सेनाओं के बीच कमांडर-स्तरीय चर्चा का 16वां दौर हुआ था। संयुक्त बयान में कहा गया है कि इसमें तय की गई नीति के अनुसार पेट्रोलग चौकी नंबर 15 (पीपी-15) से सैनिकों की वापसी गुरुवार से शुरू हो गई है। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि दोनों देश दोनों देशों के नेताओं द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार सीमा पर शांति और सुलह स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
शंघाई सहयोग परिषद की वार्षिक बैठक अगले सप्ताह उज्बेकिस्तान में होगी। इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस यात्रा से पहले लद्दाख में गतिरोध को तोड़ने का प्रयास किया गया था।
