

ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का अंतिम संस्कार का जुलूस बकिंघम पैलेस से वेस्टमिंस्टर हॉल तक गया। परंपरा के अनुसार, उनके ताबूत को बंदूक की गाड़ी पर रखा गया था। उनके उत्तराधिकारी, ब्रिटेन के राजा चार्ल्स III, दोनों प्रिंसेस विलियम और हैरी, ताबूत के पास चले। शाही परिवार के अन्य सदस्य भी कार के पीछे-पीछे चल पड़े।
अंतिम संस्कार के जुलूस के शुरू होते ही लंदन के लोग जुलूस के दोनों ओर जमा हो गए। कैंटरबरी के आर्कबिशप जस्टिन वेल्बी ने वेस्टमिंस्टर में एलिजाबेथ का शव प्राप्त किया। इसके बाद प्रार्थना की गई और सभागार के दरवाजे स्थानीय समयानुसार शाम पांच बजे खोल दिए गए। अब सोमवार शाम तक आम ब्रिटिश नागरिक अपनी प्यारी रानी के दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए हजारों नागरिक वेस्टमिंस्टर बिल्डिंग के बाहर लाइन में खड़े हैं, जो कि ब्रिटिश पार्लियामेंट है। सोमवार शाम को एलिजाबेथ के पार्थिव शरीर को पास के वेस्टमिंस्टर एब्बे ले जाया जाएगा। वहीं उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ग्रेट ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इसके लिए राष्ट्रपति 17 से 19 सितंबर तक लंदन के दौरे पर रहेंगे। यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को दी। 19 सितंबर को महारानी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
