

गर्मी तथा बरसात के दिनों में जो रोग सबसे अधिक होते हैं, उनमें से पीलिया प्रमुख है। पीलिया की वजह से शरीर में खून की कमी होने लगती है और शरीर पीला पड़ने लगता है। पाचन तंत्र कमजोर तो होता ही है। आंखों के सफेद हिस्से का पीला पड़ना, नाखून का पीला होना और पेशाब में पीलापन इसके लक्षण हैं। इन लक्षणों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। अगर आप पीलिया से पीड़ित हैं तो इन उपायों को आजमा कर जल्द सामान्य हो सकते हैं।
पीलिया के लक्षण
शरीर में खून की कमी, शरीर पीला हो जान पाचन तंत्र कमजोर हो जाना, आंखों में पीलापन, पेशाब का रंग पीला हो जाना, मतली जैसा महसूस होना, भूख लगभग खत्म हो जाना, बार बार चक्कर आना, थकावट होने के साथ साथ वजन में भी काफी तेजी से गिरावट आना। ये सभी पीलिया के लक्षण हैं। हालांकि इसका मुख्य असर आपके लिवर पर पड़ता है और लिवर कमजोर हो जाता है।
पीलिया दूर करने के अन्य घरेलू नुस्खे
साबुत धनिया को रात भर पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इस पानी को पी लें। यह प्रयोग दो सप्ताह तक करने से पीलिया जल्द खत्म हो जाता है।
मूली के हरे पत्ते पीलिया में लाभदायक होते है। यही नहीं मूली के रस में भी इतनी ताकत होती है कि यह खून और लीवर से अत्यधिक बिलिरुबीन को निकाल सके। पीलिया या हेपेटाइटिस में रोगी को दिन में 2 से 3 गिलास मूली का रस जरूर पीना चाहिये। या फिर इसके पत्ते पीसकर उनका रस निकालकर व छानकर पीएं।
नीम में कई प्रकार के वायरल विरोधी घटक पाए जाते हैं, जिस वजह से यह हेपेटाइटिस के इलाज में उपयोगी होता है। यह जिगर में उत्पन्न विषाक्त पदार्थों को नष्ट करने में भी सक्षण होता है। इसकी पत्तयों के रस में शहद मिलाकर सुबह-सुबह पियें।
देश के कुछ भागों में, लोगों को यह ग़लतफ़हमी है कि, क्योंकि हल्दी का रंग पीला होता है, पीलिया के रोगी को इसाक सेवन नहीं करना चाहिए। हालांकि यह एक कमाल का एंटी-इन्फ्लेमेट्री, एंटीऑक्सिडेंट, एंटी माइक्रोबियल प्रभाव वाली तथा बढ़े हुए यकृत नलिकाओं को हटाने वाली होती है। हल्दी हैपेटाइटिस के खिलाफ सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।
गन्ने का रस पिएं, गन्ने का रस साफ और हाइजीनिक तरीके से निकाल कर पीने से पीलिया में राहत मिलती है।
विटामिन सी वाले फल जैसे नींबू, संतरा, आंवला और टमाटर का सेवन करने से भी पीलिया जल्द खत्म हो जाता है।
