

झारखण्ड यूथ एशोसिएशन की ओर से खतियान आधारित स्थानीय नीति,खतियानधारी रैयत-विस्थापितों के साथ शोषण ,आरक्षण नीति, राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक उलगुलान की रणनीति बनाने के लिए सिद्धु-कान्हु की गांव भोगनाडीह में आवश्यक बैठक बुलाई गई। जिसकी अध्यक्षता पुर्व प्रमुख छोटो हांसदा ने की और संचालन नंदलाल शाह ने की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया स्थानीय-नियोजन नीति,विस्थापन नीति,आरक्षण व भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन तेज करने के लिए एक संगठन बनाई जाएगी जिसमें छोटो हांसदा,जोसेफ सोरेन, होपन टूडू गमलियन हेम्ब्रम ,नंदलाल शाह,सफी इमाम ,मंडल मुर्मू को दायित्व सोंपी गई। जो बहुत जल्द एक वृहद बैठक आयोजित करेगी और आन्दोलन तेज किया जाएगा।
बैठक में नंदलाल शाह ने कहा हेमंत सरकार द्वारा 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति का जिस प्रस्ताव को केबिनेट में पास किया खतियानधारी के आँख में धूल झोकने के समान है। नौवीं अनुसूची प्रावधान जोड़कर अपनी दायित्व केन्द्र सरकार को सोपना चाहती है।
सफी इमाम ने कहा हेमंत सरकार खतियानधारी-विस्थापित के साथ शोषण कर रही है। बोकारो के धनघरी गांव में बुलडोजर चलाकर 16 घरो को जमींदोज कर दिया है। जिसके लिए आन्दोलन तेज किया जाएगा। बैठक में जोसेफ सोरेन गमरियल हेम्ब्रम ने संबोधित करके संगठन के महत्व पर जोर दिया।
बैठक में गुमलियन हेम्ब्रम, होपन टुडु, दिलीप कुमार भक्ता,जोसेफ सोरेन, मुन्ना अंसारी, अजहरुद्दीन अंसारी,फिरोज अंसारी,मोo हातीम, मकसद अंसारी,अलकाफ अंसारी,रहिम अंसारी,सानी मरांडी, सफिरूद्दीन अंसारी मौजूद रहे।
