

गुजरात में बाघ बारस का त्योहार मनाया जाता हे। इस दिन माँ सरस्वती और गाय की पूजा करि जाती हे। ये धन तेरस के एक दिन पहले आता हे। इस दिन से ही दिवाली की शुरुआत हो जाती हे। हिन्दू धर्म में गाय को पूजा जाता हे। उसे माँ का दर्जा दिया गया हे। आज के आर्टिकल में हम देखेंगे के बाघ बारस की पूजा क्यों की जाती हे। इसके पीछे के कारण क्या हे।
बाघ बारस गायो की पूजा का त्योहार हे। गाय ने लम्बे समय से इंसान के जीवन जीने में अहम् भूमिका निभाई हे। बाघ बारस को नंदिनी व्रत , गोवत्स बारस भी कहाँ जाता हे। इस दिन भक्त गाय और उसके बछड़े की पूजा करते हे। हमारे शास्त्रों के अनुसार हमारे ३३ करोड़ देवी देवता हे। और कहा जाता हे की सारे देवी देवताओ का वास गाय में हे। इस दिन लोग गाय और उसके बछड़े को मुंग , गोल,हुए घास खिलाते हे। फिर गौ माता का पूजन करते हे। कहा जाता हे की ऐसा करने से सारे पाप धूल जाते हे।
