

भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले दही और शक्कर खाने की परंपरा है।
जब भी कोई शुभ कार्य के लिए घर से निकलता है तो उसे दही-शक्कर देकर विदा करते हैं।
दही-शक्कर खिलाने के साथ-साथ परिवार का स्नेह भी कार्य की सफलता के लिए वरदान है।
सफेद वस्तुओं का संबंध चंद्रमा से माना गया है और चंद्रमा को मन का कारक माना गया है।
दही और शक्कर भी सफेद होते हैं इसलिए कोई भी शुभ कार्य करने से पहले दही और शक्कर खाने से मन एकाग्र रहता है।
इसी तरह शुक्र ग्रह का संबंध सफेद रंग से है, इसे भी शांति का कारक माना जाता है।
इसलिए शुभ कार्य करने से पहले दही और शक्कर खाने से कार्य और जीवन में सफलता मिलती है सुख-शान्ति होती है।
दही और चीनी के सेवन से कई पोषक तत्व मिलते हैं और शरीर ऊर्जावान बना रहता है।
इसलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले दही और चीनी का सेवन करना अच्छा माना जाता है
दही-शक्कर खाने से शरीर को ग्लूकोज की प्राप्ति होती है, इसलिए दही-चीनी खिलाने की सलाह दी जाती है।
