

ग्वालियर एमपी। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा में शामिल हुए ढाई साल हो चुके हैं। उनके साथ हजारों कार्यकर्ताओं भी पार्टी में आए थे। लेकिन सिंधिया के आने के बाद ग्वालियर-चंबल अंचल में भाजपा दो भागों में बंटती नजर आ रही है। एक गुट सिंधिया समर्थक भाजपा है, तो दूसरा मूल भाजपाईयों का। इसकी बानगी उस समय नजर आई, जब खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया शनिवार को ग्वालियर एयरपोर्ट पहुंची थीं।एयरपोर्ट पर उनके स्वागत में पहुंचने वाले सिंधिया समर्थक भाजपाई थे। जिन्हें देख यशोधरा राजे ने पूछ लिया कि पुरानी भाजपा से कोई नहीं आया। इस पर सिंधिया समर्थकों का कहना था, अब तो हम भी आपके ही हो गए हैं। उस समय तो सभी ने हंसकर इस बात को टाल दिया, लेकिन साधारण तौर पर कही खेल मंत्री की इस बात ने पार्टी की खींचतान को बाहर ला दिया। इस मामले पर कांग्रेस का भी बयान आया है। कांग्रेस का कहना है कि ग्वालियर में BJP दो खेमों में बंट गई है। एक सिंधिया भाजपा और दूसरी मूल भाजपा।एयरपोर्ट पर स्वागत करने के दौरान सिंधिया समर्थक भाजपाई मधुलिका ने जब यशोधरा राजे को बुआजी कहकर प्रणाम किया, तो उन्होंने अंगुली दिखाकर समझाइश दी कि मैं बुआजी नहीं यशोधरा राजे सिंधिया हूं।ग्वालियर में मार्च 2020 में हजारों सिंधिया समर्थकों के भाजपा में शामिल होने के बाद से ही भाजपा में दो खेमे बन गए। मूल भाजपाई और सिंधिया समर्थक भाजपाई। इसके बाद टिकट वितरण से लेकर निगम-मंडलों में पद देने में भी सिंधिया समर्थकों को प्राथमिकता देने से दोनों खेमों में खाई बढ़ती चली गई। यह खाई निचले स्तर पर ही नहीं बल्कि ऊंचे पदों पर बैठे नेताओं के बीच भी देखने को मिल रही है। जिसका इशारा शनिवार को हुई घटना में फिर देखने को मिला।
