

दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड के साथ ही घना कोहरा छाया हुआ है। बढ़ रही ठंड के कारण आने वाले दिनों में समस्या और बढ़ सकती है। इसके साथ ही राजधानी और इसके आसपास के इलाकों में प्रदूषण भी एक बार फिर अपना कहर दिखा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में सुबह प्रदूषण की धुंध के बीच आसमान में एक मोटी चादर नजर आई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली में आज मंगलवार 20 दिसंबर, 2022 को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 382 है, जो गंभीर श्रेणी के काफी करीब है।
आप को बता दें कि दिल्ली की हवा में स्मॉग के साथ-साथ प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर सोमवार शाम को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उपसमिति ने आपात बैठक बुलाई थी। इस बीच, पैनल ने कहा कि एक्यूआई के स्तर में अचानक वृद्धि अस्थायी है। वायु गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए उपसमिति ने कहा कि आज रात या मंगलवार से हवा की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। हालाँकि, ऐसा होता नहीं दिखाई दे रहा है।
जानकारी के लिए आपको बता दे कि 0 से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 को ‘संतोषजनक’, 101 और 200 को ‘मध्यम’, 201 और 300 को ‘खराब’, 301 और 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ माना जाता है। फिलहाल दिल्ली में प्रदूषण के बीच GRAP के स्टेज 3 की पाबंदिया लागू हैं।
फिर से लागू होंगे तीसरे चरण के प्रतिबंध?
उपसमिति ने सोमवार को फैसला किया कि वायु प्रदूषण रोधी कार्य योजना के तीसरे चरण के तहत फिलहाल पाबंदियां लगाने की जरूरत नहीं है. लेकिन उनका मानना था कि मंगलवार से प्रदूषण का स्तर नीचे आ जाएगा। हालांकि, ज्यादा कुछ नहीं बदला है, लेकिन माना जा सकता है कि दिल्ली में एक बार फिर पाबंदियों का दौर शुरू हो सकता है।
क्या है ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान?
जीआरएपी (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) एक एक्शन प्लान है, जिसे ईपीसीए (पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण) द्वारा तैयार किया गया है, जिसे सर्दियों के मौसम में दिल्ली में प्रदूषण को रोकने के लिए लागू किया गया है। इसमें प्राधिकरण हर संभव नीतिगत उपाय कर सकता है जिससे प्रदूषण में वृद्धि को रोका जा सके और प्रदूषण के मौजूदा स्तर को कम किया जा सके।
