

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा वर्ष 2023 में होने वाली मैट्रिक व इंटर की वार्षिक परीक्षाओं को लेकर जिला स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई है. सभी केंद्रों पर केंद्र अधीक्षकों की नियुक्ति करते हुए डीईओ अजय कुमार सिंह ने छह जनवरी को समीक्षा बैठक बुलाई है. बैठक में सभी केंद्र अधीक्षकों को केंद्र की आवास क्षमता के साथ ही बाउंड्री, पेयजल, स्टोर, बरामदे की स्थिति, विकलांगों के लिए रैम्प सहित 22 मुद्दों को लेकर बैठक में शामिल होने को कहा गया है ।
मुजफ्फरपुर जिले में मैट्रिक परीक्षा के लिए 76 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 75382 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे. वहीं इंटर की परीक्षा में 67 केंद्रों पर 56102 परीक्षार्थी होंगे। पिछले महीने जिले के साथ बैठक के बाद केंद्रों के लिए प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही डीईओ ने जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाकर सभी केंद्रों का भौतिक सत्यापन किया है,अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मैट्रिक और इंटर की परीक्षा फरवरी से शुरू होगी, जिसका टाइम टेबल बोर्ड ने घोषित कर दिया है।
मुजफ्फरपुर जिले में 2419 आंगनबाड़ी केंद्र जो बिना जमीन और भवन के चिह्नित हैं, उन्हें पास के स्कूल परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा. इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को चिन्हित कर आईसीडीएस की डीपीओ ने जिला शिक्षा विभाग से गुहार लगाई है। विभाग ने सभी बीईओ को यह जिम्मेदारी सौंपी है। आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनबाडी केंद्रों को स्कूल परिसर में स्थानांतरित करने और सात दिनों के भीतर शिक्षा विभाग को रिपोर्ट देने को कहा गया है. मुशहरी सदर में 301, मुशहरी ग्रामीण में 221, सकरा में 230, कुढ़नी में 124, बोचहां में 124, मीनापुर में 204, मुरौल में 13, गायघाट में 95, औराई में 72, कटरा में 90, पारू में 291, सरैया में 24, बरूराज में 186, कांटी में 12, बांद्रा में 45 और बांद्रा में 45, साहिबगंज में 57 केंद्र बिना जमीन और भवन के चल रहे हैं.
