

उत्तर प्रदेश में अब शराब पीना महंगा पड़ने जा रहा है। नयी आबकारी नीति के तहत शराब और बीयर की दुकानों की लाइसेंस फीस दस फीसदी बढ़ाई गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी। इसी के साथ राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में आबकारी विभाग से 45 हजार करोड़ रुपये के करीब का राजस्व जुटाने का लक्ष्य तय किया है। यह लक्ष्य पिछले वर्ष के लक्ष्य की तुलना में करीब पांच हज़ार करोड़ रूपए अधिक है। आबकारी निति में किये गए इस नए प्रावधान के चलते देशी, अंग्रेजी और प्रीमियम ब्रांड की शराब करीब पांच से दस रूपए और अधिक महंगी हो जाएंगी।
नयी आबकारी नीति के तहत देशी और अंग्रेजी शराब, बीयर की दुकानों और मॉडल शॉप के खुलने और बंद होने का समय पहले जैसा ही रखा गया है। पर विशेष अवसरों पर शासन की पहले से अनुमति लेकर से बिक्री के समय को बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा मॉडल शॉप की लाइसेंस फीस दो लाख से तीन लाख कर दी गई है। इसलिए अब मॉडल शॉप में बैठकर शराब पीने पर अब ज्यादा दाम चुकाने पड़ सकते है। देशी, विदेशी शराब, बीयर, भांग की दुकानों और मॉडल शॉप के लाइसेंस का नवीनीकरण भी होगा। इसके आवेदन पत्र की प्रोसेसिंग फीस और नवीनीकरण फीस बढ़ाई गयी है। साथ ही साथ नोएडा के प्राधिकरण क्षेत्र, लखनऊ और गाजियाबाद के नगर निगम क्षेत्र और इसकी परिधि से पांच किमी तक में मौजूद होटल, रेस्टोरेंट और क्लब की लाइसेंस फीस भी बढ़ाई गई है। यहां शराब पीना अब और महंगा होगा।
