

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बुधवार दोपहर बाद गोरखपुर के भटहट स्थित प्रदेश के पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में ओपीडी सेवा का शुभारंभ करने पहुंचे। उन्होंने बटन दबाकर ओपीडी की शुरुआत करने के बाद वहां मौजूद जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि टूरिज्म के अनेक अवसरों में महत्वपूर्ण अवसर हेल्थ टूरिज्म में भी है। आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में अत्यधिक संभावनाएं हैं। आयुष विश्वविद्यालय हेल्थ टूरिज्म में नए अवसर देगा। यहां सर्टिफिकेट, डिप्लोमा व डिग्री के कोर्स चलेंगे। युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा। घर-घर आयुष के नए-नए कार्य मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि यहां अच्छी मिट्टी, पानी के साथ ही बड़ा जंगल भी है। यहां के आयुष हेल्थ टूरिज्म से जुड़ने पूरी दुनिया आएगी।
मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा की आयुष विश्वविद्यालय से किसानों की खुशहाली और नौजवानों के लिए नौकरी-रोजगार का मार्ग भी प्रशस्त होगा। लोग आसपास उगने वाली जड़ी बूटियों का संग्रह कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। किसानों को औषधीय खेती से ज्यादा फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय व्यापक पैमाने पर रोजगार और सकारात्मक परिवर्तन का कारक बनेगा। कोई जड़ी बूटियों के संग्रह से जुड़ेगा, कोई औषधीय पौधों की खेती से जुड़ेगा, कोई नौकरी व दुकानदारी से जुड़कर आगे बढ़ेगा। सबको नए नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने सबका आह्वान किया कि विकास प्रक्रिया से जुड़कर उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में अपना योगदान दें।
इस मौके पर आने वाली महाशिवरात्रि पर्व का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ दिन में महाशिवरात्रि का पर्व आ रहा है। यह पर्व देवाधिदेव महादेव भगवान शिव को समर्पित है। शिव की ताकत का एहसास अनिर्वचनीय है। उन्होंने जहर को भी समभाव से आत्मसात कर लिया। वह सिर्फ कल्याण ही कल्याण करते हैं। हानिरहित चिकित्सा पद्धतियों आयुर्वेद, योग, होम्योपैथ, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी आदि को समाहित करने वाला विश्वविद्यालय खुलना भगवान शिव और शिवावतार गुरु गोरक्षनाथ के प्रति सच्ची श्रद्धा का भाव है।
