Hindi News, Latest News in Hindi, हिन्दी समाचार, Hindi Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़भारत

तीसरी तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि दर और गिरकर 4.6 प्रतिशत रहने की संभावना

अक्टूबर-दिसंबर में देश की आर्थिक विकास दर में और गिरावट देखने को मिल सकती है। जानकारों का कहना है कि कमजोर मांग की वजह से ऐसा होगा। आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में क्रमिक वृद्धि के कारण आर्थिक गतिविधियां धीमी हो रही हैं। जिससे अर्थशास्त्रियों के एक सर्वे में ग्रोथ की रफ्तार कमजोर हुई है।

42 अर्थशास्त्रियों के रॉयटर्स के सर्वेक्षण के अनुसार, दिसंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर घटकर 4.6 प्रतिशत रहने की संभावना है। यह सर्वे 10 फरवरी से 24 फरवरी के बीच किया गया था। इस वर्ष की पहली तिमाही में उच्च आर्थिक वृद्धि देखी गई थी। अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 13.5 फीसदी रही थी। ऐसा पिछले साल महामारी के कारण कम आधार के कारण हुआ। जुलाई से सितंबर की दूसरी तिमाही के दौरान जीडीपी ग्रोथ रेट 6.3 फीसदी देखी गई थी।

एक मासिक सर्वेक्षण के अनुसार, एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में विकास दर और धीमी होकर 4.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। जबकि 2023-24 में इसके औसतन 6 फीसदी देखने की उम्मीद है। जो सरकार द्वारा पेश किए गए 6.5 फीसदी के अनुमान से कम है। 28 फरवरी को जारी होने वाली दिसंबर तिमाही की जीडीपी वृद्धि के आंकड़ों पर मिले-जुले विचार हैं। विभिन्न सर्वेक्षणों के मुताबिक यह 4 फीसदी से 5.8 फीसदी के बीच रहेगा। हालांकि, सर्वे में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों का मानना ​​है कि दिसंबर तिमाही में ग्रोथ पिछली तिमाही के मुकाबले कम रहेगी। करीब 66 फीसदी सेगमेंट का मानना ​​है कि तीसरी तिमाही में ग्रोथ 5 फीसदी से नीचे रहेगी।

Related posts

हफ्ते के पहले दिन बाजार में शानदार उछाल, निफ्टी 17,719 के ऊपर बंद हुआ

Live Bharat Times

भारत ने बांग्लादेश को 3 विकेट से हराया,सीरीज में किया 2 -0 से क्लीन स्वीप

Admin

नीदरलैंड ने संयुक्त राष्ट्र में मतदान का आह्वान किया; इंडिया का जवाब – हमें मत बताओ क्या करना है, क्या नहीं

Leave a Comment