

मध्य एशियाई देश तजाकिस्तान में फंसे झारखंड के 36 मजदूरों में से 20 सकुशल घर लौट आए हैं। केंद्र और राज्य सरकार के दखल के बाद कंपनियों ने इन मजदूरों का बकाया भी चुका दिया है। वहीं, बाकी मजदूरों के दूसरे जत्थे में जल्द लौटने की उम्मीद है।
तजाकिस्तान में ट्रांसमिशन लाइन निर्माण कार्य के लिए गए थे
बता दें कि झारखंड के धनबाद, हजारीबाग, बोकारो, गिरिडीह जिले के कुल 36 मजदूरों को तजाकिस्तान में ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण कार्य के लिए ले जाया गया था। उन्हें बिष्णुगढ़ प्रखंड के खरना निवासी पंचम महतो ने टीजीएम कंपनी को भेजा था। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर वहां बुरी तरह फंसे हुए थे। न तो उन्हें ठीक से खाना दिया जा रहा था और न ही पैसे मिल रहे थे। इसी दौरान 13 फरवरी को सिकंदर अली नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेर कर अपनी व्यथा साझा की और अपने वतन लौटने के लिए सहयोग की अपील की थी।
बताया जा रहा है कि ताजिकिस्तान से अभी भी 16 मजदूर फंसे हुए है। जिनकी घर वापसी होनी बाकी है। संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा इन मजदूरों को घर वापस लाने के लिए कार्यवाही की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, बाकी के 16 मजदूर भी जल्द ही वतन वापसी करेगें।
