

देश में प्रोजेक्ट टाइगर की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वित्त मंत्रालय 1 अप्रैल को 50 रुपये का सिक्का भेंट करेगा। इस संबंध में आवश्यक आदेश दे दिए गए हैं।
तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी 1 अप्रैल, 1973 को देश में टाइगर प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी, इस सरकारी योजना ने देश में इस लुप्तप्राय प्रजाति पर ध्यान केंद्रित किया था। 50 रुपये का यह सिक्का 44 मिमी का है। इसे एक घेरे में पेश किया जाएगा जो 50 फीसदी चांदी, 40 फीसदी तांबा, 5 फीसदी निकेल और 5 फीसदी जिंक से बना होगा। इसका वजन 35 ग्राम होगा और उस पर सत्यमेव जयत लिखा होगा। अशोक स्तंभ के दोनों ओर अंग्रेजी और हिंदी में भारत लिखा होगा। सिक्के के पिछले हिस्से पर बाघ की तस्वीर और 50 साल का प्रोजेक्ट टाइगर भी लिखा हुआ होगा।
डॉलर की जगह लेगा रुपया!
भारत के वित्त राज्य मंत्री भगवत करडे ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने स्थानीय और विदेशी बैंकों में रुपये के व्यापार के लिए 18 देशों के 60 विशेष रुपया वोस्ट्रो खाते खोलने की मंजूरी दे दी है। मंत्री की ओर से आगे कहा गया कि 18 देशों ने भारत में स्पेशल रुपया वोस्ट्रो अकाउंट खोले हैं। इनमें रूस स्थानीय मुद्रा में कारोबार करने पर अडिग है। उन्होंने आगे कहा कि भारत ने हमेशा रुपए में निर्यात का समर्थन किया है।
इन देशों ने भारत में SRVA खोला है
रूस, सिंगापुर, श्रीलंका, बोत्सवाना, फिजी, जर्मनी, गुयाना, इज़राइल, केन्या, मलेशिया, मॉरीशस, म्यांमार, न्यूजीलैंड, ओमान, सेशेल्स, तंजानिया, युगांडा और यूनाइटेड किंगडम ने भारत में SRVA खोले हैं। इससे पहले भी कुछ देशों ने भारतीय रुपया में व्यापार करने में दिलचस्पी दिखाई थी।
विदेश व्यापार में रुपये में लाभ होगा
रुपये में विदेशी व्यापार का मूल्यवर्ग डॉलर की तरह विदेशी मुद्राओं पर भारत की निर्भरता को कम करेगा। इसके साथ ही अचानक वैश्विक उठापटक का असर भी देश की अर्थव्यवस्था पर कम पड़ेगा। इसके अलावा भारतीय बैंकों को बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारोबार करने का मौका मिलेगा।
