
- भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जम्मू-कश्मीर की आगामी द्विवार्षिक राज्यसभा चुनावों के लिए तीन उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।
- पार्टी ने गुलाम मोहम्मद मीर, राकेश महाजन और सतपाल शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है।
- जम्मू-कश्मीर की चार राज्यसभा सीटों के लिए 24 अक्टूबर को मतदान होगा, जहां नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेतृत्व वाले गठबंधन को तीन सीटों पर बढ़त है, जबकि बीजेपी एक सीट जीतने की स्थिति में है।
नई दिल्ली/जम्मू, 13 अक्टूबर: जम्मू-कश्मीर की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे आगामी द्विवार्षिक राज्यसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार, 12 अक्टूबर 2025 को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर तीन उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया। पार्टी ने इस चुनाव के माध्यम से केंद्र शासित प्रदेश में अपनी क्षेत्रीय उपस्थिति और संसद में प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है।

बीजेपी द्वारा घोषित तीन उम्मीदवार निम्नलिखित हैं:
गुलाम मोहम्मद मीर
राकेश महाजन
सतपाल शर्मा
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा यह घोषणा जारी की गई। इन उम्मीदवारों का चयन करते समय पार्टी ने उनकी जमीनी स्तर पर पकड़, पार्टी के प्रति निष्ठा और क्षेत्रीय संतुलन को साधने का प्रयास किया है।
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एक सुरक्षित सीट और दो चुनौतीपूर्ण रणक्षेत्र
जम्मू-कश्मीर की चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिनके लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने तीन अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की हैं। विधानसभा की दलीय स्थिति को देखते हुए, बीजेपी ने अपनी रणनीति को स्पष्ट कर दिया है:
सतपाल शर्मा (सुरक्षित सीट): बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रह चुके सतपाल शर्मा को उस सीट के लिए उम्मीदवार बनाया है, जहां पार्टी को संख्यात्मक लाभ है। उनके लिए तीसरी अधिसूचना के तहत चुनाव लड़ा जाएगा, जिसमें बीजेपी की जीत लगभग तय मानी जा रही है, बशर्ते कांग्रेस चुनाव मैदान से बाहर रहे।
गुलाम मोहम्मद मीर और राकेश महाजन (चुनौतीपूर्ण सीट): बीजेपी ने गुलाम मोहम्मद मीर (एक मुस्लिम चेहरा) और राकेश महाजन (पार्टी के अनुभवी उपाध्यक्ष) को उन सीटों से मैदान में उतारा है, जहां पार्टी के पास बहुमत के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं। ये दोनों उम्मीदवार पहली दो सीटों के लिए चुनाव लड़ेंगे, जिन पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेतृत्व वाले गठबंधन का पलड़ा भारी है।
बीजेपी का यह फैसला, विशेषकर एक मुस्लिम उम्मीदवार गुलाम मोहम्मद मीर को मैदान में उतारना, जम्मू-कश्मीर की राजनीति में समावेशी राजनीति का संकेत माना जा रहा है। मीर और महाजन को उन सीटों पर उतारने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है और बीजेपी अन्य दलों के विधायकों को लुभाने के लिए गहन प्रयास शुरू कर सकती है।
विधानसभा का गणित और मुकाबला
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, जिनमें से वर्तमान में 88 सीटें भरी हुई हैं (दो सीटें खाली हैं)। इन चुनावों में विधायकों द्वारा मतदान किया जाएगा। सीटों के गणित पर एक नज़र:
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) गठबंधन: NC, कांग्रेस और अन्य सहयोगियों के पास कुल मिलाकर लगभग 53 विधायकों का समर्थन है। इस संख्या बल के साथ NC गठबंधन तीन सीटें जीतने की स्थिति में है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP): बीजेपी के पास अपने 28 विधायक हैं, जो उन्हें एक सीट आसानी से जीतने में सक्षम बनाते हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पहले ही तीन सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों (चौधरी मोहम्मद रमजान, शम्मी ओबेरॉय और सज्जाद किचलू) के नाम की घोषणा कर दी है, जबकि चौथी सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने की बात कही है। कांग्रेस, जिसके पास 6 विधायक हैं, अभी भी NC के साथ ‘सुरक्षित सीट’ को लेकर बातचीत कर रही है।
बीजेपी द्वारा तीन उम्मीदवारों को मैदान में उतारने से अब चौथी सीट को लेकर रोमांचक मुकाबला होने की संभावना है, खासकर अगर कांग्रेस भी मैदान में उतरती है। ऐसे में पीडीपी (3), पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (1), आप (1), और निर्दलीय विधायकों के वोट महत्वपूर्ण हो जाएंगे।
इन चुनावों के लिए मतदान 24 अक्टूबर को होगा और मतगणना उसी दिन शाम को शुरू होगी। इन चुनावों को अनुच्छेद 370 हटाए जाने और पूर्ववर्ती राज्य को केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहले राज्यसभा चुनाव के रूप में देखा जा रहा है।
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