
- अपर्णा यादव ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत में ‘राम’ के नाम पर राजनीति नहीं होगी तो क्या ‘अल्लाह’ के नाम पर होगी।
- उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि राम इस देश के रोम-रोम में बसे हैं और वे हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं।
- अपर्णा ने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने की बात कहकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
लखनऊ, 23 दिसंबर: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर अपर्णा यादव ने एक बार फिर हिंदुत्व और भगवान राम के मुद्दे पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। समाजवादी पार्टी के संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव की बहू और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता अपर्णा यादव ने विपक्षी दलों द्वारा “राम के नाम पर राजनीति” करने के आरोपों का करारा जवाब दिया है। उन्होंने न केवल धार्मिक गौरव की बात की, बल्कि राष्ट्र रक्षा के लिए उग्र तेवर भी दिखाए।
“राम ही इस देश का आधार हैं”
एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर्णा यादव ने कहा, “अक्सर लोग सवाल उठाते हैं कि भाजपा राम के नाम पर वोट मांगती है। मैं उनसे पूछना चाहती हूँ कि यदि इस भारत भूमि पर राम के नाम पर राजनीति नहीं होगी, तो क्या अल्लाह के नाम पर होगी? राम हमारे पूर्वज हैं, हमारी संस्कृति हैं और इस राष्ट्र का आधार हैं।” उन्होंने आगे कहा कि राम नाम का विरोध करने वाले असल में भारत की आत्मा का विरोध कर रहे हैं। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।
शस्त्र उठाने की चेतावनी और राष्ट्र रक्षा
अपने संबोधन के दौरान अपर्णा यादव ने ऐतिहासिक और धार्मिक संदर्भों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे देवी-देवताओं ने भी अधर्म के विनाश के लिए शस्त्र उठाए थे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “यदि धर्म और राष्ट्र की अखंडता पर कोई आंच आती है, तो हमें शस्त्र उठाने से पीछे नहीं हटना चाहिए। हम शांतिप्रिय हैं, लेकिन कायर नहीं।” अपर्णा ने युवाओं से अपनी संस्कृति के प्रति गर्व महसूस करने और राष्ट्र विरोधी ताकतों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और राजनीतिक मायने
अपर्णा यादव के इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष का कहना है कि भाजपा नेता चुनाव से पहले ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अपर्णा यादव का यह तेवर भाजपा के कोर एजेंडे को मजबूती देता है। मुलायम परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद उनका यह हिंदुत्ववादी चेहरा उन्हें पार्टी के भीतर और मतदाताओं के बीच एक अलग पहचान दिला रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
अपर्णा यादव के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। दक्षिणपंथी समर्थकों ने उनके साहस की सराहना की है, वहीं आलोचकों ने इसे भड़काऊ भाषण करार दिया है। गौरतलब है कि अपर्णा यादव अक्सर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को लेकर मुखर रही हैं, लेकिन “शस्त्र उठाने” वाली टिप्पणी ने उनके रुख को और अधिक आक्रामक बना दिया है।
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