
तेहरान/वाशिंगटन, 01 मार्च:
तेहरान में मातम और राजकीय अवकाश
खामेनेई के निधन के बाद ईरान सरकार ने देश में 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। साथ ही, अगले सात दिनों तक सार्वजनिक अवकाश का एलान किया गया है। ईरानी राज्य टीवी ने हालांकि हमले की विस्तृत तकनीक का खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया है कि सर्वोच्च नेतृत्व अब एक बड़े संकट और बदलाव के दौर से गुजर रहा है। हमले के बाद ईरान की सेना ने कड़े पलटवार की चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति और गंभीर हो गई है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया: “यह न्याय है”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की सफलता की पुष्टि करते हुए इसे ईरान के लोगों के लिए एक नई संभावना बताया। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में ट्रंप ने कहा, “खामेनेई, जो इतिहास के सबसे क्रूर तानाशाहों में से एक था, अब मृत है। यह ईरान के लोगों के लिए अपने देश को पुनः प्राप्त करने का अवसर है।” ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह निष्क्रिय करने के उद्देश्य से शुरू किए गए अभियान का हिस्सा था और यह सैन्य कार्रवाई अभी जारी रहेगी।
कौन थे अयातुल्ला अली खामेनेई?
अयातुल्ला अली खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर थे। उन्होंने ईरान के इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के बाद सत्ता संभाली थी। 1979 की क्रांति के बाद से खामेनेई देश के केवल आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि सेना, न्यायपालिका और सरकार के अंतिम निर्णायक थे। उनके 37 वर्षों के शासनकाल में ईरान का पश्चिम के साथ लगातार संघर्ष रहा।
ईरान की सड़कों पर जश्न और मिश्रित प्रतिक्रिया
एक ओर जहाँ सरकारी खेमे में शोक की लहर है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया और कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के कई हिस्सों से जश्न की खबरें भी सामने आ रही हैं। ईरानी एक्टिविस्ट और पत्रकार मसीह अलीनेजाद द्वारा साझा किए गए वीडियो में लोग इस घटना को दमनकारी शासन के अंत के रूप में देख रहे हैं। कई ईरानियों का मानना है कि यह उनकी आजादी की एक नई शुरुआत हो सकती है।
महीनों से जारी तनाव की परिणति
यह हमला अचानक नहीं हुआ है। पिछले कई महीनों से अमेरिका और इजरायल, ईरान के बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंतित थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने उच्च गुणवत्ता वाले सेंट्रीफ्यूज विकसित कर लिए थे, जो परमाणु बम बनाने के बेहद करीब थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने पदभार संभालने के बाद से ही ईरान पर “मैक्सिमम प्रेशर” की नीति अपनाई थी। शनिवार को हुए इस हमले में न केवल खामेनेई, बल्कि रिवोल्यूशनरी गार्ड के कई शीर्ष कमांडर और रक्षा मंत्री के भी मारे जाने का दावा किया जा रहा है।
वैश्विक प्रभाव और आगे की राह
खामेनेई की मौत ने ईरान के भविष्य पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब सवाल यह है कि उनका उत्तराधिकारी कौन होगा और क्या ईरान की नई लीडरशिप पश्चिम के साथ समझौते की ओर बढ़ेगी या बदला लेने के लिए एक बड़ा युद्ध छेड़ेगी? फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं।
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