
कोलकाता,1 अप्रैल: Humayun Kabir Attack Mamata:
मुस्लिम वोटों और मंदिर निर्माण पर उठाए सवाल
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुमायूँ कबीर ने ममता बनर्जी की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी मुसलमानों के वोट पाकर तीन बार मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन अब वे राजारहाट में मुसलमानों की जमीन लेकर दुर्गा मंदिर बनवा रही हैं। वे जगन्नाथ धाम का निर्माण कर रही हैं। अगर वे केवल हिंदुओं के लिए काम कर रही हैं, तो क्या मुझे मुसलमानों के अधिकारों के लिए खड़ा नहीं होना चाहिए?”
AIMIM के साथ नया सियासी गठबंधन
2026 के चुनावों में ममता बनर्जी और भाजपा दोनों को चुनौती देने के लिए हुमायूँ कबीर ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ हाथ मिलाया है। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य राज्य में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए एक स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व तैयार करना है। ओवैसी ने भी इस गठबंधन का समर्थन करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों का अपना नेतृत्व नहीं है, वहां विकास की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
‘लक्ष्मीर भंडार’ के जवाब में बड़ा वादा
महिलाओं को लुभाने के लिए कबीर ने टीएमसी की लोकप्रिय योजना ‘लक्ष्मीर भंडार’ पर भी निशाना साधा। उन्होंने वादा किया कि यदि उनका गठबंधन सत्ता में आता है, तो महिलाओं को मिलने वाली ₹1,500 की राशि को बढ़ाकर ₹3,500 कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे ममता बनर्जी को दोबारा सत्ता में नहीं आने देंगे।
182 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान
हुमायूँ कबीर ने अपनी चुनावी रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि उनकी पार्टी AJUP आगामी विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इस समझौते के तहत लगभग 8 सीटें ओवैसी की पार्टी AIMIM को दी गई हैं। बंगाल में चुनाव दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) में होने हैं, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
बता दें कि हुमायूँ कबीर पहले टीएमसी का ही हिस्सा थे, लेकिन मुर्शिदाबाद में एक विवादास्पद मस्जिद निर्माण के प्रस्ताव के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। तब से वे ममता बनर्जी के मुखर विरोधी रहे हैं।
