
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने मंकीपॉक्स के संक्रमण के तेजी से फैलने को देखते हुए चेतावनी जारी की है। स्वास्थ्य एजेंसी का कहना है कि छोटे बच्चों में यह बीमारी होने की संभावना अधिक होती है, इसलिए उनके लक्षणों पर नजर रखने की जरूरत है। फिलहाल भारत में मंकीपॉक्स के एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सरकार संक्रमण को लेकर हाई अलर्ट पर है।
दूसरी ओर, भारतीय निजी स्वास्थ्य उपकरण कंपनी ट्रिविट्रॉन हेल्थकेयर ने मंकीपॉक्स के परीक्षण के लिए एक आरटी-पीसीआर परीक्षण किट विकसित की है। यह किट 1 घंटे में रिजल्ट देगी।
21 देशों में 226 से ज्यादा मामले
अर्जेंटीना में शुक्रवार को मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया। मरीज हाल ही में स्पेन से लौटा है। देश में भी इस वायरस का एक संदिग्ध मामला सामने आया है। इससे पहले मंगलवार को एक महिला में मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई थी, जो पश्चिम अफ्रीका से यूएई लौटी थी।
21 देशों में अब तक मंकीपॉक्स के 226 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को कहा कि उन देशों से लगभग 100 संदिग्ध मामले सामने आए हैं जहां मंकीपॉक्स आमतौर पर नहीं देखा जाता है। ब्रिटेन में मंकीपॉक्स का पहला मामला 7 मई को सामने आया था।
हालांकि राहत की बात यह है कि मंकीपॉक्स वायरस में अब तक कोई जेनेटिक म्यूटेशन नहीं पाया गया है। यानी यह वायरस अभी इंसानों में विकसित नहीं हुआ है। अफ्रीका के बाहर यह बीमारी कैसे फैली, वैज्ञानिक अभी भी इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
