Hindi News, Latest News in Hindi, हिन्दी समाचार, Hindi Newspaper
दुनिया

जन्म से दृष्टिहीन जेनिफर बेस कैंप पहुंचीं : बोलीं- चुनौती एवरेस्ट की चोटी की ऊंचाई नहीं, आपकी इच्छाशक्ति है

उड़ान ताजी होती है, पंखों से नहीं। इस कहावत को आयरलैंड के बंक्राना काउंटी की मूल निवासी जेनिफर डोहर्टी ने दोहराया है, जो नेत्रहीन पैदा हुई थी। उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप को फतह कर लिया है।

डोहर्टी ने कहा कि डोनेगल सेंटर फॉर इंडिपेंडेंट लिविंग ऑपर्च्युनिटी फंड ने आधार शिविर तक पहुंचने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह संस्था विकलांगों को ऐसी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने का मौका देती है, जिसे वे खुद पूरा नहीं कर पाते।

डोहर्टी ने कहा, “मुझे लेटरकनी पर्वतारोही जेसन ब्लैक ने संपर्क किया था।” ब्लेक ने 2013 में एवरेस्ट फतह किया था। वे क्रिसमस से एक हफ्ते पहले मेरे घर आए थे। मुझसे पूछा कि क्या तुम एवरेस्ट पर चढ़ोगे? वह मुझे एक समूह के साथ एवरेस्ट के आधार शिविर में ले जाना चाहते थे। मैं उनके प्रस्ताव से दंग रह गया। यह मेरे लिए आश्चर्यजनक प्रस्ताव था। मैंने अभी कहा था कि मैं जाऊंगा। मुझे इस बात की चिंता थी कि क्या मैं इसमें फिट हो पाऊंगा। यात्रा से पहले 4 महीने तक मुझे चढ़ाई का कठिन प्रशिक्षण मिला। प्रतिदिन 5 से 7 घंटे अभ्यास होता था। इसके बाद बेस कैंप की चढ़ाई शुरू हुई। मैं तब तक मानसिक रूप से मजबूत था। चुनौती एवरेस्ट की ऊंचाई नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति की है। इसके बिना आप एवरेस्ट को छोड़कर इमारत की छत तक नहीं पहुंच पाएंगे। आपके पास एक ही जीवन है। इसके रोमांच का लाभ उठाएं।

 

Follow us on Facebook, TwitterYoutube.

Related posts

LIVE: यूक्रेन पर हमले का 40वां दिन: कीव के आसपास अब तक मिले 410 शव, रूसी सैनिकों पर बेवजह हत्या का आरोप

Live Bharat Times

ब्रिटिश पीएम के रेस में ऋषि सुनक 118 वोटों के साथ चौथे दौर में सबसे आगे

Live Bharat Times

भारतीय ओलंपिक संगठन को IOC का अंतिम अल्टीमेटम, IOA पर निलंबन की तलवार लटकी

Live Bharat Times

Leave a Comment