
ऐसी कौनसी चीज है वह जो हर एक इंसान के पास होती है किसी दूसरी चीज के लिए।
मुझे भुजो तो जाने।
में हूं सबके पास
हो चाहे कोई भी इंसान
हिंदू हो या मुसलमान
में अगर पूरी न हो जाऊ तो
कर देती हु जीना हराम।
कर देती हु जीना हराम।
सोचो सोचो जरा
चलो कोई बात नहीं। में बता देती हु। में हु आपकी इच्छा।
ऊपर दी गई पहली पर से आप मुझे अब अच्छी तरह समझ पाएंगे। में सभी तरह के इंसान के पास होती हु। चाहे वह अमीर हो या गरीब, चाहे वह कोई भी जाति का हो और अगर में पूरी नहीं हो पाती हूं तो में आपका जीवन में परेशानी भी पैदा कर सकती हूं।
कहते ही मानव प्रजाति में इच्छाएं अनगिनत है। अंग्रेजी में यह कहावत को ” Human Wants are unlimited” ऐसा कहा गया है। अर्थात एक इंसान की इच्छा कभी खत्म नहीं होती। एक इच्छा पूरी हो तो वह दूसरी को जन्म देती है।
जैसे की मान लीजिए एक बहुत ही गरीब इंसान है जिसके पास कुछ भी नही है। और अब वह एक गुफा से जा रहा है। अब जरा सोचिए अगर उसको इस गुफा में एक लालटेन जलता हुआ दिख जाता है तब वह कितना खुश होगा। जैसे की उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहेगा। पर अब धीरे धीरे उस लालटेन के साथ आगे चलते चलते उसको फिर तेल की जरूरत पड़ेगी ताकि आह लालटेन के सहारे यह गुफा को पर कर सके।
अब जैसे ही उसने यह गुफा उसने पार कर ली उसको भूख लगी। अब कोई दानी उसे मिला जो उसको खाना दे कर चला गया। फिर उसकी इच्छा हुई कि काश मुझे कोई पहने हुए ही भले पर कपड़े दे जाए। इसी तरह एक के बाद एक इच्छा इस इंसान की उत्पन्न हुए जा रही है।
कभी कभी इंसान की अगर कोई इच्छा पूरी नहीं होती है तो वह पागल सा हो जाता है। वह समझने की स्थिति में नहीं रहता की ऐसा क्यों हो रहा ही मेरे साथ। और इसी तरह इंसान का जीना हराम कर देती है उसकी इच्छा। इसलिए हर एक इंसान को अपनी इच्छा को काबू में रखना चाहिए।
