

प्रदेश के पंचायती राज्य मंत्री भूपेंद्र चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने का असर बिजनौर की राजनीति पर भी नजर आएगा। जहां जिले में भाजपा के अंदर पनप रही गुटबाजी समाप्त होने के आसार नजर आने लगे हैं। वहीं, कुछ भाजपा नेता घोषणा होते ही मुलाकात के लिए रवाना भी हो गए। माना जा रहा है कि जिले में भाजपा की राजनीति में इस समय दो धड़ होते दिख रहे थे। इसका असर जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर साफ नजर आया था।पंचायती राज्य मंत्री भूपेंद्र चौधरी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलते ही जिले में भाजपा का एक धड़ा उत्साहित हो गया। यूं तो भूपेंद्र चौधरी जिले से कभी चुनाव नहीं लड़े, लेकिन जिले में उनकी गहरी पैठ बताई जाती है। वर्तमान में इस जिम्मेदारी के बाद जिले में भाजपा की राजनीति में बदलाव के आसार जरूर नजर आने की उम्मीद बढ़ गई है। कुछ समय पहले जिपं अध्यक्ष के खिलाफ भाजपा के ही जिपं सदस्य अविश्वास प्रस्ताव लाने को नोटिस देने डीएम के पास पहुंच गए थे। मामला गरमाया तो जिपं सदस्य को पार्टी से बाहर कर दिया गया।भले ही इस प्रकरण में एक ही नाम सामने आ रहा था, लेकिन पर्दे के पीछे कुछ और खिलाड़ी भी होने की बात सामने आ रही थी। अब जैसे ही राज्यमंत्री भूपेंद्र चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली तो एक पक्ष में खुशी की लहर दौड़ गई। अविश्वास प्रस्ताव के खेल में शामिल कुछ नेताओं के माथे पर चिंता बढ़ गई।
