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पंजाब में हो रही मूसलाधार बारिश ने फसलों का किया बड़ा नुकसान

सितंबर महीने की बेमौसमी बारिश ने पंजाब में फसल को चौपट कर दिया। गुलाबी सुंडी से बचे कोमल ऊतकों के गिरने से खेतों में भूस्खलन का खतरा बना है। इस बारिश से कृषि क्षेत्र के अलावा आम जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जानकारी के अनुसार मालवा पट्टी, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब, फिरोजपुर जिलों में बीती देर रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है.बड़ी मात्रा में धान भी नष्ट हो गया।

बठिंडा-मनसा जिले में ज्यादा नुकसान होने की खबर है। बड़ी संख्या में किसानो की कपास फसल की जुताई कर चुके थे, लेकिन अब जो बचा है वह बारिश से खराब होने का खतरा है। इन दिनों नर्मे की कटाई जोरों पर थी, जो अब बारिश के कारण बंद हो गई है। ठेके पर खेती करने वालों को दोहरा नुकसान हुआ। धान की फसल इन दिनों जोरों पर थी, लेकिन देर रात से हो रही बारिश ने इसे रोक दिया। बारिश के कारण धान का खेत गिर गया है जिसका असर कम उपज के रूप में किसानों पर पड़ेगा।
बारिश के कारण आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। जिन शहरों में कम आबादी के घरों में पानी घुसा, वहां राहगीरों को सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो गया। बठिंडा के प्रताप नगर में एक घर की छत गिरी। हालांकि छत गिरने से किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन कमरे के अंदर का कई सामान क्षतिग्रस्त हो गया। बठिंडा का पावर हाउस रोड, कचिहारी रोड, महिला ठाणे, सड़कें समुद्र बन गईं। बारिश ने सरकारों के उन दावों के लिए भी दरवाजे खोल दिए, जिनमें कहा जा रहा था कि शहरों में सीवेज की व्यवस्था पूरी की जा रही है, लेकिन आज तक कहीं ऐसा नहीं देखा गया कि सड़कों पर पानी न भर जाए।
 भारतीय किसान यूनियन की नेता एकता उग्राण जसवीर सिंह बुर्ज सेमन का कहना है कि किसान पहले से ही कर्ज में डूबा है और अब बारिश ने और नुकसान किया है। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण जहां नरम चावल की कटाई बंद हो गई है, वहां धान का खेत गिर गया है और लोगों की संख्या बढ़ जाएगी जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने अमरूद की जुताई की है, लेकिन वे बिल्कुल नहीं बढ़े हैं।
पिछले साल भी खरीफ की फसल को काफी नुकसान हुआ था। गुलाबी सुंडी ने खेतों को चाट लिया। किसानों के खेत तो गिरे ही थे, लेकिन उन्हें भी नहीं काटा गया क्योंकि ज्यादातर किसान पहले ही जमीन जोत चुके थे। कई गांवों के किसान अभी भी उस राशि से वंचित हैं जो सरकार ने किसानों को मुआवजे के रूप में दी थी। मजदूरों को मुआवजा देने का वादा भी किया था लेकिन मजदूरों के हाथ खाली हैं।
मौसम विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों की अग्रिम जानकारी देते हुए कहा कि अभी और दो दिन मौसम ऐसा ही बना रहेगा। बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इस बारिश के साथ ही अब ठंड का मौसम शुरू हो जाएगा।

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