
- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA को 202 सीटों के प्रचंड बहुमत के बाद, नीतीश कुमार का पाँचवीं बार मुख्यमंत्री बनना तय है।
- मंत्रिमंडल (कैबिनेट) में बीजेपी से दो और लोजपा (रामविलास) से एक सहित कुल तीन उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है।
- मंत्रियों के चयन के लिए ‘6 विधायक पर 1 मंत्री’ का फॉर्मूला अपनाया जा रहा है, जिसके तहत मंत्रिमंडल का आकार 30 से 32 सदस्यों का हो सकता है।
पटना, 16 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ऐतिहासिक जीत के बाद, अब नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। एनडीए ने 243 सीटों वाली विधानसभा में 202 सीटें जीतकर विपक्षी महागठबंधन को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस प्रचंड बहुमत के बाद, नीतीश कुमार (JDU: 85 सीटें) का मुख्यमंत्री पद संभालना तय है। वह पाँचवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार के मंत्रिमंडल के स्वरूप को अंतिम रूप देने के लिए पटना से लेकर दिल्ली तक भारतीय जनता पार्टी (BJP: 89 सीटें) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के शीर्ष नेताओं के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं। शनिवार को JDU के वरिष्ठ नेता ललन सिंह और संजय झा ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसके बाद संभावित कैबिनेट फॉर्मूला की रूपरेखा लगभग तैयार हो गई है।
32 मंत्रियों का मंत्रिमंडल और 3 डिप्टी सीएम
नई सरकार के मंत्रिमंडल के गठन में शक्ति संतुलन और सहयोगियों को उचित भागीदारी सुनिश्चित करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल में सदस्यों की अधिकतम संख्या को ध्यान में रखते हुए, लगभग 30 से 32 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
मंत्रियों के चयन के लिए ‘6 विधायक पर 1 मंत्री’ का फॉर्मूला अपनाया जा रहा है। इस फार्मूले के तहत, सहयोगी दलों को सीटें जीतने के अनुपात में हिस्सेदारी मिलेगी:
बीजेपी (89 विधायक): 15 से 16 मंत्री पद (दो डिप्टी सीएम सहित)। सम्राट चौधरी एक बार फिर उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं।
जेडीयू (85 विधायक): 14 से 15 मंत्री पद (मुख्यमंत्री सहित)।
लोजपा (राम विलास) (19 विधायक): 3 मंत्री पद (एक डिप्टी सीएम सहित)। पार्टी प्रमुख चिराग पासवान ने खुद नीतीश कुमार से मिलकर अपनी बात रखी है।
हम (HAM) (5 विधायक): 1 मंत्री पद।
रालोमो (RLM) (4 विधायक): 1 मंत्री पद।
इस बार बीजेपी की सीटों की संख्या जेडीयू से थोड़ी ज्यादा (89 बनाम 85) होने के कारण, बीजेपी ने दो उपमुख्यमंत्री पदों पर दावा ठोका है। वहीं, चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) के 19 विधायकों की संख्या को देखते हुए, उन्हें एक उपमुख्यमंत्री पद दिए जाने की भी प्रबल संभावना है।
विधानसभा स्पीकर का पद बीजेपी को
वरिष्ठता और चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए, मुख्यमंत्री का पद JDU के पास रहेगा, जबकि विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) का पद बीजेपी को दिया जा सकता है। पिछली बार भी यह जिम्मेदारी बीजेपी के पास थी और माना जा रहा है कि विजय सिन्हा को फिर से स्पीकर बनाया जा सकता है।
नई सरकार का गठन संवैधानिक रूप से 24 नवंबर तक हो जाना है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि नीतीश कुमार 20 से 22 नवंबर के बीच मंत्रिमंडल का गठन कर सकते हैं। पहले चरण में एक छोटा मंत्रिमंडल शपथ लेगा, जिसमें सभी घटक दलों के प्रमुख मंत्री शामिल होंगे, और फिर बाद में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।
