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पीएम मोदी ने मित्र पुतिन का किया जोरदार स्वागत

27 घंटे की यात्रा से दुनिया को साफ संदेश: भारत की मित्रता शब्दों से नहीं, व्यवहार से साबित होती है; रणनीतिक हितों पर कोई दबाव नहीं

पीएम मोदी ने मित्र पुतिन का किया जोरदार स्वागत
  • अभूतपूर्व सम्मान: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार शाम 6:45 बजे द्विपक्षीय शिखर वार्ता के लिए नई दिल्ली पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं पालम एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया—जो कि एक अत्यंत दुर्लभ राजनयिक सम्मान है।
  • रणनीतिक संकेत: पीएम मोदी का पुतिन को गले लगाकर स्वागत करना और बाद में जापानी एसयूवी में एक साथ यात्रा करना, यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी दबाव के बावजूद भारत-रूस की मजबूत और स्वतंत्र रणनीतिक साझेदारी का संकेत है।
  • गुप्त एजेंडा: पुतिन भारत मोदी स्वागत के तुरंत बाद, दोनों नेताओं के बीच निजी रात्रिभोज में ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, वैश्विक तनाव और शुक्रवार के वार्षिक सम्मेलन के अहम समझौतों पर चर्चा लगभग तय मानी जा रही है।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 5 दिसंबर:  गुरुवार शाम रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जब नई दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पहुंचे, तो वहां का दृश्य सामान्य राजनयिक प्रोटोकॉल से कहीं अधिक गर्मजोशी भरा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं अपने मित्र पुतिन का स्वागत करने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे। मोदी ने पुतिन को देखकर मुस्कुराया, गर्मजोशी से गले मिले और इस व्यवहार से दुनिया को एक मजबूत संदेश दिया कि भारत अपनी मित्रता को शब्दों से नहीं, बल्कि व्यवहार और सम्मान से साबित करता है।

राष्ट्रपति पुतिन की यह 27 घंटे की यात्रा ऐसे महत्वपूर्ण समय में हो रही है जब यूक्रेन युद्ध, बिगड़ते वैश्विक समीकरण और अमेरिका-भारत संबंधों में आई हल्की खटास (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अतिरिक्त आयात शुल्क के कारण) स्पष्ट है। इसलिए पुतिन का यह दौरा केवल कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक गहरा भावनात्मक और रणनीतिक संकेत माना जा रहा है।

एयरपोर्ट से पीएम आवास तक: कूटनीति का नया अध्याय

शाम 6:45 बजे पुतिन का विमान उतरने के बाद, दोनों नेताओं ने एक साथ टोयोटा एसयूवी में यात्रा की। पीएमओ के पास तमाम यूरोपीय लग्जरी कारें उपलब्ध होने के बावजूद एशियाई ब्रांड का चयन करना यह स्पष्ट करता है कि भारत अपने निर्णय स्वयं लेता है और अपने मेहमानों के लिए माहौल भी खुद ही तय करता है—यह आत्मनिर्भरता और रणनीतिक स्वतंत्रता का प्रतीक है।

पीएम आवास पहुंचने पर दोनों नेताओं ने सीमित अधिकारियों की मौजूदगी में निजी रात्रिभोज किया। यह रात्रिभोज दोनों राष्ट्राध्यक्षों को औपचारिकताओं से दूर हटकर व्यक्तिगत रूप से रणनीतिक मामलों पर चर्चा करने का मौका देता है। सूत्रों के अनुसार, बातचीत का मुख्य केंद्र ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग को मजबूत करने के तरीके, और मौजूदा वैश्विक तनावों पर आम सहमति बनाना रहा।

प्रधानमंत्री मोदी ने रात को ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “मित्र पुतिन का भारत में स्वागत कर खुशी हुई।” यह टिप्पणी सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि दशकों पुराने उस भरोसे की पुनर्पुष्टि थी जो दोनों देशों के रिश्तों को हर दौर में मजबूती देता आया है।

भारत-अमेरिका तनाव की पृष्ठभूमि में अहमियत

भारत ने यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भी रूस से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदना जारी रखा। इस कदम से अमेरिका और यूरोपीय देशों की नाराज़गी खुलकर सामने आई, और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय आयात पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाकर इस नाराज़गी को नीतिगत रूप दे दिया।

लेकिन भारत का रुख हमेशा साफ रहा है: देश की ऊर्जा जरूरतें किसी भी वैश्विक दबाव या राजनीतिक खींचतान से ज्यादा अहम हैं। ऐसे वातावरण में पुतिन भारत मोदी स्वागत के रूप में जो भव्य प्रदर्शन किया गया है, वह दुनिया को एक स्पष्ट संदेश देता है कि भारत अपने रणनीतिक हितों के साथ खड़ा है, चाहे वैश्विक दबाव कितना भी अधिक क्यों न हो।

मोदी का दुर्लभ स्वागत: एक विशेष सम्मान

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पुतिन को स्वयं हवाईअड्डे पर रिसीव करने का निर्णय इस यात्रा के विशेष महत्व को और पुख्ता करता है। मोदी ने अब तक केवल कुछ ही नेताओं—जैसे ओबामा, ट्रंप, शेख हसीना, शिंजो आबे, एमबीजेड और कतर के अमीर—को यह विशेष सम्मान दिया है। इस सूची में पुतिन का नाम शामिल होना भारत-रूस रिश्तों की गहराई और सामरिक प्राथमिकता को दर्शाता है।

एक दिलचस्प कूटनीतिक संयोग यह भी है कि इस बार पुतिन तब आए हैं जब अमेरिकी मध्यस्थता के बाद यूक्रेन में युद्धविराम की संभावनाएं सबसे ज्यादा दिख रही हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा से पहले उन्होंने अमेरिकी प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श किया होगा। यह पीएम मोदी पुतिन मुलाकात वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की निर्णायक क्षमता को रेखांकित करती है।

शुक्रवार का विस्तृत एजेंडा

आज, शुक्रवार को राष्ट्रपति पुतिन का विस्तृत आधिकारिक कार्यक्रम इस प्रकार है:

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा औपचारिक स्वागत।

राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि।

हैदराबाद हाउस में सीमित अधिकारियों के साथ और प्रतिनिधिमंडल स्तर की शिखर वार्ता।

पीएम मोदी द्वारा लंच का आयोजन।

फिक्की और रोसकांग्रेस का संयुक्त व्यापार कार्यक्रम।

राष्ट्रपति भवन में राजकीय भोज।

रात लगभग 9 बजे भारत से प्रस्थान।

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